21 सितंबर 2026 को होगा मेयर पद का चुनाव, पारस सिंघवी और कांग्रेस की पूनम कुंवर आमने-सामने
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। उदयपुर नगर निगम में मेयर पद के चुनाव से पहले भाजपा की सियासी हलचल तेज है। भाजपा ने पारस सिंघवी को मेयर प्रत्याशी घोषित कर दिया है, लेकिन पार्टी ने अभी तक अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी खत्म नहीं की है। 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते भाजपा पार्षदों को अभी भी बाड़ाबंदी में रखा गया है। इसी बीच मेयर पद के प्रमुख दावेदार रहे भाजपा पार्षद दिनेश भट्ट की गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उदयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। | Udaipur Mayor Election 2026 | Cross Voting in Udaipur Mayor Election
भाजपा पार्षदों की बाड़ाबंदी चीरवा क्षेत्र में चल रही है। इसी दौरान मेयर पद के प्रबल दावेदार रहे दिनेश भट्ट की तबीयत अचानक खराब हो गई। पूर्व महापौर रजनी डांगी उन्हें एमबी हॉस्पिटल के सामने स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने भट्ट की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आराम करने की सलाह दी। | Cross Voting in Udaipur Mayor Election bjp
दिनेश भट्ट और प्रमोद सामर मेयर पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। हालांकि, भाजपा ने पारस सिंघवी को मेयर प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके बाद अब राजनीतिक गलियारों में दिनेश भट्ट को डिप्टी मेयर बनाए जाने की चर्चाएं भी चल रही हैं। डिप्टी मेयर पद को लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। | Udaipur Mayor Election 2026
53 पार्षदों के बहुमत के बावजूद भाजपा की बाड़ाबंदी जारी
उदयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 80 में से 53 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस संख्या के साथ निगम में भाजपा का बोर्ड बनना तय माना जा रहा है। पार्टी ने पारस सिंघवी को मेयर प्रत्याशी घोषित कर दिया है और वे अपना नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं। उनके सामने कांग्रेस की डॉ. पूनम कुंवर मेयर पद की प्रत्याशी हैं।
भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद पार्टी अपने पार्षदों को बाड़ाबंदी से बाहर नहीं ला रही है। इसकी वजह मेयर प्रत्याशी के चयन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण बताए जा रहे हैं।
पारस सिंघवी के नाम पर बदले समीकरण
मेयर पद के लिए भाजपा में प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट और पारस सिंघवी के नाम प्रमुखता से चर्चा में थे। पार्टी ने पारस सिंघवी के नाम पर मुहर लगाई। इसके बाद अन्य दावेदारों प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट और उनके समर्थक पार्षदों की नाराजगी की चर्चाएं सामने आईं।
कांग्रेस के पास संख्या बल कम होने के बावजूद उसने मेयर पद के लिए प्रत्याशी उतारा है। ऐसे में भाजपा को अपने पार्षदों की एकजुटता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी को आशंका है कि मेयर चुनाव में कुछ पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते है।
मोबाइल बंद, पार्षदों की गतिविधियों पर नजर
बाड़ाबंदी स्थल पर शहर भाजपा के नेता पार्षदों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। खबर के अनुसार, भाजपा पार्षदों के मोबाइल फोन अभी भी बंद करवाए हुए हैं, ताकि वे बाहरी संपर्क में न रहें। मेयर चुनाव तक बाड़ाबंदी जारी रखने की रणनीति के पीछे पार्टी की एकजुटता बनाए रखने की कोशिश मानी जा रही है।
21 सितंबर को होगा मेयर पद का चुनाव
उदयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव में नगर निगम के सभी पार्षद मतदान करेंगे। भाजपा के पास 53 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 23 पार्षद हैं। इसके अलावा एक सीपीआईएम और तीन निर्दलीय पार्षद भी चुनाव में हिस्सा लेंगे।
मेयर पद के चुनाव से पहले भाजपा में पार्षदों की बाड़ाबंदी, दिनेश भट्ट की तबीयत बिगड़ने और डिप्टी मेयर पद को लेकर चल रही चर्चाओं ने उदयपुर की सियासत को गर्म कर दिया है। अब सभी की नजरें 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव पर टिकी हैं।
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