उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी में विश्व फिजियोथैरेपी दिवस मनाया गया। इस वर्ष विश्व फिजियोथैरेपी दिवस की थीम ‘हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी और शारीरिक गतिविधि की भूमिका’ रखी गई है। | World Physiotherapy Day Pacific College Udaipur
इस अवसर पर ‘फिजियोथैरेपी के महत्व एवं स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, दर्द निवारण तथा मरीजों के त्वरित पुनर्वास में फिजियोथैरेपी की लगातार बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
गतिहीन जीवनशैली से बढ़ रही हैं मांसपेशियों और हड्डियों की समस्याएं
फिजियोथैरेपी कॉलेज के डीन डॉ. जफर खान ने अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गतिहीन दिनचर्या और बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण मस्कुलोस्केलेटल यानी मांसपेशियों एवं हड्डियों से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी केवल सर्जरी या गंभीर बीमारियों के बाद मरीजों को सामान्य जीवन में लौटने में ही सहायक नहीं है, बल्कि यह बिना दवाओं के कई जीवनशैली जनित विकारों से बचाव का सुरक्षित और प्रभावी माध्यम भी बन रही है।
क्लिनिकल दक्षता और मानवीय संवेदना पर दिया जोर
कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्यों ने विद्यार्थियों को क्लिनिकल दक्षता, अनुसंधान और मानवीय संवेदना के साथ मरीजों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि हृदय रोग और स्ट्रोक के मरीजों के उपचार एवं पुनर्वास में नियमित शारीरिक गतिविधि और फिजियोथैरेपी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन राहुल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, प्रेसिडेंट डॉ. एम.एम. मंगल एवं पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. उम्मेद सिंह परिहार ने फिजियोथैरेपी संकाय के सभी सदस्यों और विद्यार्थियों को विश्व फिजियोथैरेपी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

