विज्ञापन में भ्रूण का रंग नीला दिखाकर लिंग चयन का संकेत देने का मामला, ART नियमों के उल्लंघन पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लिंग चयन तथा लिंग आधारित असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) गतिविधियों से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामले में नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वूमेन केयर हॉस्पिटल के प्रदेशभर में संचालित 9 ART एवं सरोगेसी सेंटर्स का पंजीकरण निलंबित कर दिया है। कार्रवाई की जद में उदयपुर सहित जयपुर, भीलवाड़ा, कोटा, जोधपुर और अजमेर के सेंटर शामिल हैं। | Neelkanth IVF Center Registration Suspended
उदयपुर समेत 6 जिलों में कार्रवाई
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ के अनुसार नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वूमेन केयर हॉस्पिटल जयपुर में तीन तथा भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर में एक-एक सेंटर का पंजीकरण निलंबित किया गया है। इनमें भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर के ART क्लिनिक लेवल-1 व लेवल-2 सेंटर, जयपुर के दो ART क्लिनिक लेवल-2, सरोगेसी क्लिनिक और ART बैंक शामिल हैं।
निलंबन आदेश पर रोक लगाने विभाग से अनुरोध किया है- नीलकंठ आईवीएफ सेंटर
नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वूमेन केयर हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि हमने अपने ART क्लिनिक्स, ART बैंक एवं सरोगेसी क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन तत्काल निलंबित किए जाने के खिलाफ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रतिनिधित्व सौंपा है।
हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा यह कार्रवाई एक समाचार-पत्र में प्रकाशित विज्ञापन में नीले रंग के बेबी सॉक्स दिखाए जाने के आधार पर की गई। जबकि विज्ञापन में कहीं भी “मेल चाइल्ड”, “जेंडर सिलेक्शन” या “सेक्स सिलेक्शन” का उल्लेख नहीं था और न ही हमारा किसी विशेष लिंग के बच्चे के जन्म की पेशकश या प्रचार करना उद्देश्य था। नीलकंठ ने विभाग से निलंबन आदेश पर तत्काल रोक लगाने, उचित सुनवाई का अवसर देने तथा मरीजों के चल रहे IVF/ART उपचार और क्रायोप्रिजर्व किए गए भ्रूण ,ऊसाइट, सीमेन की सुरक्षित देखभाल जारी रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन में भ्रूण को नीले रंग में दिखाने पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जयपुर संस्करण के एक अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित IVF, फर्टिलिटी और टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के विज्ञापन में भ्रूण को नीले रंग में प्रदर्शित किया गया था। विभाग ने इसे प्रथम दृष्टया पुरुष भ्रूण से जुड़े संकेत के रूप में माना और विज्ञापन को लिंग चयन से संबंधित सेवा के प्रचार का संकेत मानते हुए कार्रवाई की।
सेक्स सिलेक्शन पर कानूनी प्रतिबंध
विभाग ने स्पष्ट किया कि ART (Regulation) Act, 2021 के तहत सेक्स सिलेक्शन और सेक्स-सेलेक्टिव ART प्रक्रियाओं पर कानूनी प्रतिबंध है। ART एवं सरोगेसी सेवाएं संचालित करने वाले संस्थानों को निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है।
गायत्री राठौड़ ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशानुसार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जा रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
IVF और ART सेवाओं में भ्रूण चयन से जुड़े नियमों का उद्देश्य प्रजनन तकनीकों के दुरुपयोग और लिंग आधारित चयन को रोकना है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई प्रदेश में IVF और सरोगेसी केंद्रों की नियामकीय निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित संस्थानों के पंजीकरण निलंबन के बाद इन सेंटरों की सेवाओं और संचालन पर नियमानुसार प्रभाव पड़ेगा।
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