आरजीएचएस में अनियमितताओं पर सरकार का कड़ा एक्शन : 24 अस्पतालों में सबसे ज्यादा अनियमितता उदयपुर के पारस जेके में पायी गयी
लकी जैन/उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं पर बड़ा एक्शन लेते हुए प्रदेशभर के निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर पिछले तीन माह में 51 संबद्ध अस्पतालों को योजना से निलंबित किया गया है, जबकि पिछले एक माह में 24 अस्पतालों पर करीब 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। | RGHS Scam Paras JK Hospital Udaipur | udaipur health news | udaipur latest news
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले एक माह में की गयी ऑडिट में सबसे ज्यादा अनियमितताएं उदयपुर के पारस जेके हॉस्पिटल में पकड़ी गयी है, जिसके चलते पारस जेके हॉस्पिटल पर 85.34 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रदेश के 24 अस्पतालों पर लगाए गए कुल 3 करोड़ रूपए के जुर्माने में सबसे ज्यादा 85.34 लाख रूपए का जुर्माना तो अकेले पारस जेके पर लगा है। इसके अलावा उदयपुर के डॉ. चौधरी हॉस्पिटल पर 6.05 लाख रुपये तथा डूंगरपुर के जील हॉस्पिटल पर 50.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
24 अस्पतालों में से इन 11 अस्पतालों पर लगी है लाखों रूपए की रिकवरी और जुर्माना
- पारस जेके हॉस्पिटल, उदयपुर – 85.34 लाख रुपये
- जायसवाल हॉस्पिटल, कोटा – 70.45 लाख रुपये
- जील हॉस्पिटल, डूंगरपुर – 50.16 लाख रुपये
- ईथोस हॉस्पिटल, कोटा – 24.14 लाख रुपये
- कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट, कोटा – 22.04 लाख रुपये
- डॉ. सोमेंद्र डेंटल, जयपुर – 18.77 लाख रुपये
- डॉ. चौधरी हॉस्पिटल, उदयपुर – 6.05 लाख रुपये
- सोनी हॉस्पिटल, जयपुर – 5.95 लाख रुपये
- रामस्नेही चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र, भीलवाड़ा – 5.80 लाख रुपये
- इंडस जयपुर हॉस्पिटल,जयपुर – 3.76 लाख रुपये
- महावीर जयपुरिया हॉस्पिटल, जयपुर – 1.56 लाख रुपये
वीडियो में जाने सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई की डिटेल
तीन माह में 51 अस्पताल निलंबित
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार ने आरजीएचएस योजना में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। पिछले तीन माह में 51 अस्पतालों को योजना से निलंबित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और फर्जी क्लेम किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पिछले एक माह में 24 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई कर करीब 3 करोड़ रुपये की रिकवरी और जुर्माना लगाया गया है। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने प्रत्येक मामले की सुनवाई के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया।
ऑडिट में सामने आईं ये गंभीर अनियमितताएं
सरकारी जांच में कई प्रकार की वित्तीय और प्रक्रियागत गड़बड़ियां सामने आईं। इनमें—
- दस्तावेजों की डुप्लीकेसी
- जरूरत से अधिक जांचें कराना
- अधिक भुगतान लेने के लिए एक ही पैकेज की सेवाओं को अलग-अलग दिखाकर क्लेम करना
- आवश्यक दस्तावेजों का अभाव
- ओपीडी मरीजों को अनुचित तरीके से आईपीडी में भर्ती दिखाकर क्लेम प्रस्तुत करना
सरकार के अनुसार इन अनियमितताओं से आरजीएचएस योजना पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ा, जिसके बाद नियमानुसार रिकवरी और दंडात्मक कार्रवाई की गई।
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