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हिन्दुस्तान जिंक के 60 वर्ष पूरे, 2 MTPA उत्पादन लक्ष्य के लिए 50 हजार करोड़ तक निवेश की तैयारी

Hindustan Zinc Advances ‘HZL Vision 2.0’ As It Marks 60 Years of Operations, Targets Doubling Production to 2 MTPAHindustan Zinc Advances ‘HZL Vision 2.0’ As It Marks 60 Years of Operations, Targets Doubling Production to 2 MTPA

उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने अपने संचालन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित 60वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में अगले चरण की विकास रणनीति प्रस्तुत की। कंपनी ने अगले पांच वर्षों में उत्पादन क्षमता को 1.1 मिलियन टन से बढ़ाकर 2 मिलियन टन प्रति वर्ष (2 MTPA) करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश (Capex) की योजना बनाई गई है। | Hindustan Zinc 2 MTPA Production Plan

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 उसके अब तक के सबसे मजबूत वर्षों में रहा। इस दौरान 1.1 मिलियन टन से अधिक खनन उत्पादन दर्ज किया गया, जो कंपनी के इतिहास का सर्वाधिक उत्पादन है। वहीं रिफाइंड मेटल उत्पादन दूसरा सर्वश्रेष्ठ रहा। रिकॉर्ड राजस्व, EBITDA और शुद्ध लाभ के साथ कंपनी ने 50 प्रतिशत से अधिक EBITDA मार्जिन बनाए रखा, जो वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी माना जाता है।

हिंदुस्तान जिंक 2.0 विजन पर फोकस

कंपनी ने अपने ‘हिंदुस्तान जिंक 2.0’ विजन के तहत मल्टी-मेटल और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विस्तार की रणनीति पर जोर दिया। प्रस्तावित निवेश में ब्राउनफील्ड विस्तार, सप्लाई चेन में बाधाओं को दूर करने (डीबॉटलनेकिंग) और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाएं शामिल हैं।

कंपनी की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा में महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों की अहम भूमिका होगी। हिंदुस्तान जिंक भविष्य की ऊर्जा परिवर्तन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मल्टी-मेटल क्षमता विकसित कर रही है, जिससे देश की औद्योगिक प्रगति और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

महत्वपूर्ण खनिजों में बढ़ाया विस्तार

हिंदुस्तान जिंक ने अपनी सहयोगी कंपनी हिंदमेटल एक्सप्लोरेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से टंगस्टन, पोटाश, रेयर अर्थ एलिमेंट्स और मोनाजाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के नए ब्लॉक हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि भारत में किसी निजी कंपनी द्वारा रेयर अर्थ मोनाजाइट ब्लॉक प्राप्त करने की यह शुरुआती उपलब्धियों में से एक है।

डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल माइनिंग पर जोर

कंपनी जिंक इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से भारत में जिंक आधारित विनिर्माण का एकीकृत इकोसिस्टम विकसित कर रही है। इसके लिए त्रिपुरा ग्रुप और CMR ग्रीन टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की गई है। साथ ही 10 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाली टेलिंग्स री-प्रोसेसिंग परियोजना, डिजिटल एवं एआई आधारित माइनिंग और सर्कुलर रिसोर्स रिकवरी पर भी निवेश किया जा रहा है।

सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक विकास पर फोकस

कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 तक अपनी 70 प्रतिशत बिजली अक्षय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी पर कार्य जारी है। सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत कंपनी की योजनाएं 4,000 से अधिक गांवों तक पहुंच चुकी हैं और लगभग 26 लाख लोगों को लाभान्वित कर रही हैं। कंपनी ने खनन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, विशेषकर अंडरग्राउंड माइनिंग में, को भी अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में उसकी प्राथमिकता लागत प्रतिस्पर्धा बनाए रखने, संसाधन आधार मजबूत करने, सस्टेनेबल विकास और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर केंद्रित रहेगी।

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