वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्ति के लिए अंतरिम समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाइयों को रोकने, समुद्री व्यापार मार्गों को बहाल करने और व्यापक शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। | US-IRAN deal signed war ends
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में MoU (Peace Deal) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान Emmanuel Macron भी मौजूद रहे। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने तेहरान से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तखत किए। भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 5:30 बजे इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की गई और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
एमओयू (MoU) के 14 प्रमुख पॉइंट्स
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एमओयू के 14 पॉइंट्स की डिटेल भी साझा की है, जिस पर अमेरिका और ईरान में बीच युद्ध समाप्ति का समझौता हुआ है।
- अमेरिका-ईरान और वर्तमान युद्ध में शामिल उनके सहयोगी देशों ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर करके लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा की है। साथ ही भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी युद्ध या सैन्य कार्रवाई की शुरुआत नहीं करने, बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी से बचने तथा लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। -1
- . दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। -2
- अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। -3
- अमेरिका ईरान के खिलाफ लागू नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य अवरोधों को तुरंत हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा तथा 30 दिनों के भीतर नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त कर देगा। इस दौरान समुद्री यातायात को युद्ध-पूर्व स्तर तक बहाल करने की दिशा में काम किया जाएगा। अंतिम समझौते के बाद अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के निकट से अपने सैन्य बलों को भी हटा लेगा। -4
ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लेगा
- ईरान फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा और 60 दिनों तक इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेगा। तकनीकी और सैन्य बाधाओं को हटाने तथा बारूदी सुरंगों की सफाई के बाद 30 दिनों के भीतर व्यापारिक यातायात शुरू किया जाएगा। ईरान, ओमान और अन्य खाड़ी देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं पर चर्चा करेगा। -5
- अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा। यह अंतिम समझौते का हिस्सा होगी और इसके लिए आवश्यक सभी लाइसेंस, छूट और अनुमतियां प्रदान की जाएंगी। -6
- ईरान पर लगाए गए सभी प्रकार के प्रतिबंधों को अमेरिका समाप्त करेगा, जिनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) बोर्ड के प्रस्ताव और अमेरिका के प्राथमिक व द्वितीयक प्रतिबंध शामिल हैं। यह प्रक्रिया अंतिम समझौते के तहत तय समय-सारिणी के अनुसार होगी। -7
ईरान परमाणु हथियार प्राप्त या विकसित नहीं करेगा
- ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार प्राप्त या विकसित नहीं करेगा। दोनों देशों ने संवर्धित परमाणु सामग्री के मौजूदा भंडार के निपटान पर सहमति बनाई है, जिसकी निगरानी IAEA करेगा। दोनों पक्ष ईरान की परमाणु जरूरतों से जुड़े संवर्धन (Enrichment) और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। -8
- अंतिम समझौता होने तक दोनों देश यथास्थिति बनाए रखेंगे। ईरान अपने वर्तमान परमाणु कार्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा तथा क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात नहीं करेगा। -9
- एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे जुड़े उत्पादों के निर्यात के लिए आवश्यक छूट जारी करेगा। इसमें बैंकिंग, बीमा, परिवहन और अन्य संबंधित सेवाएं भी शामिल होंगी। -10
अमेरिका ईरान पर लगाए प्रतिबंध हटाएगा
- अमेरिका एमओयू लागू होने के साथ ही ईरान की फ्रीज हुई या प्रतिबंधित वित्तीय संपत्तियों और धनराशि को प्रतिबंध मुक्त कर जारी करेगा। इन धनराशियों को रिलीज करने की प्रक्रिया पर दोनों देश वार्ता के दौरान सहमति बनाएंगे। -11
- एमओयू और उसके बाद होने वाले अंतिम समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग तंत्र स्थापित किया जाएगा। -12
- एमओयू पर हस्ताक्षर होने तथा बिंदु 1, 4, 5, 10 और 11 के लागू होने और उनके निरंतर पालन के बाद अमेरिका और ईरान अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू करेंगे। -13
- अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव के माध्यम से औपचारिक मंजूरी और समर्थन प्रदान किया जाएगा। -14
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