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PMCH में VATS सर्जरी से बची 12 वर्षीय राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी की जान

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उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH), उदयपुर के चिकित्सकों ने 12 वर्षीय राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी के फेफड़ों की दुर्लभ बीमारी की अत्याधुनिक VATS से सफल सर्जरी कर न केवल बच्चे की जान बचाई बल्कि उसके खेल करियर को भी सुरक्षित रखा है। pmch-udaipur-vats-surgery-national-judo-player-pulmonary-hydatid-cyst

PMCH के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अतुल लुहाड़िया ने बताया कि बांसवाड़ा निवासी बच्चा पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार खांसी, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी से जूझ रहा था। विभिन्न स्थानीय अस्पतालों में उसे टीबी, निमोनिया और फंगल संक्रमण मानकर उपचार दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच परिवार उसे बांसवाड़ा से उदयपुर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) लेकर आए।

PMCH के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अतुल लुहाड़िया द्वारा कराई गई विस्तृत रेडियोलॉजिकल जांच में पता चला कि मरीज को Pulmonary Hydatid Cyst नामक दुर्लभ परजीवी संक्रमण है। यह बीमारी फेफड़ों में पानी भरी थैली (सिस्ट) बना देती है, जिससे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है।

राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होने के कारण डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी शारीरिक क्षमता और खेल प्रदर्शन को सुरक्षित रखना था। पारंपरिक ओपन सर्जरी में छाती पर बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता होती है, जिससे मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है।

सीवीटीएस सर्जन डॉ. अनुज मेहता और उनकी टीम ने यूनिपोर्टल Video-Assisted Thoracoscopic Surgery (VATS) तकनीक का उपयोग करते हुए केवल 4 सेंटीमीटर के छोटे चीरे से फेफड़े में मौजूद खतरनाक सिस्ट को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। इस प्रक्रिया में कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी संभव हुई।

कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. समीर गोयल ने सर्जरी के दौरान वन लंग वेंटिलेशन तकनीक का उपयोग किया। इस तकनीक से दूसरे फेफड़े को संक्रमण और सिस्ट के तरल पदार्थ से सुरक्षित रखा गया। जटिल मानी जाने वाली यह प्रक्रिया सफल रही और मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ही सुरक्षित रूप से एक्सट्यूबेट कर दिया गया।

PMCH के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को सटीक निदान और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि यह सफलता आधुनिक चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और टीमवर्क का उदाहरण है।

वर्तमान में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार वह जल्द ही जूडो प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में वापसी कर सकेगा।

Pulmonary Hydatid Cyst एक परजीवी संक्रमण है, जो Echinococcus नामक टेपवर्म से होता है। यह संक्रमण आमतौर पर कुत्तों, भेड़ों और बकरियों जैसे पशुओं के संपर्क या दूषित भोजन एवं पानी के माध्यम से फैलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच, सही निदान और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के माध्यम से इस बीमारी का सफल उपचार संभव है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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