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MP ATS Terror Module Case: अलवर और सहारनपुर से दो संदिग्ध गिरफ्तार

MP ATS Terror Module CaseMP ATS Terror Module Case

एआर लाइव न्यूज। मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्थान के अलवर निवासी शाकिर मेव और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला शेख को गिरफ्तार किया है। ATS के अनुसार दोनों आरोपी प्रतिबंधित संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और अन्य संदिग्ध कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में थे। एजेंसी का दावा है कि हाल के दिनों में यह नेटवर्क से जुड़ी तीसरी महत्वपूर्ण गिरफ्तारी है। | MP ATS Terror Module Case | Two suspects arrested from Alwar and Saharanpur

मुख्य बिंदु (Hightlights)

मोहम्मद फराज जांच से खुला नेटवर्क का सुराग

ATS के मुताबिक पूरे मामले का खुलासा भोपाल के काजी कैम्प क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध मोहम्मद फराज से पूछताछ के दौरान हुआ। जांच एजेंसियों का दावा है कि फराज पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और देश के भीतर नेटवर्क विस्तार की गतिविधियों में शामिल था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसे कथित तौर पर “शहीद खालिद सैफुल्लाह” नाम दिया गया था। ATS का कहना है कि यह नाम उसे कट्टरपंथी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के लिए प्रदान किया गया था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।

शाकिर मेव को नेटवर्क का ‘सेकंड कमांडर’ मान रही ATS

ATS को मिले खुफिया इनपुट के आधार पर राजस्थान के अलवर जिले से शाकिर मेव को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह कथित नेटवर्क की रणनीति, संचालन और गतिविधियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।

अधिकारियों के अनुसार शाकिर मेव को संगठन के भीतर दूसरे सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा था। वहीं सहारनपुर से गिरफ्तार नईम अब्दुल्ला शेख पर आरोप है कि उसने मोहम्मद फराज को कथित मॉड्यूल से जोड़ने में मदद की थी।

मस्जिद में मौलवी के रूप में रह रहा था आरोपी

भिवाड़ी पुलिस के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों के अनुरोध पर स्थानीय पुलिस ने जांच में सहयोग किया। टपूकड़ा थाना क्षेत्र के नाखनौल गांव स्थित आरोपी के घर की तलाशी ली गई और संभावित साक्ष्य जुटाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि शाकिर मेव हरियाणा के नूंह जिले के रेवासन गांव में रह रहा था और क्षेत्र की एक मस्जिद में मौलवी के रूप में कार्य कर रहा था। इसके बाद ATS, हरियाणा पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसके ठिकानों की जांच की।

युवाओं को जोड़ने और विदेश भेजने की आशंका

ATS सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद फराज युवाओं को मार्शल आर्ट प्रशिक्षण के माध्यम से अपने संपर्क में लाने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि प्रशिक्षण के बाद कुछ लोगों को विदेश भेजने की योजना बनाई जा रही थी।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों, संचार रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

PFI, फंडिंग और विदेशी संपर्कों की जांच

ATS वर्तमान में आरोपियों के मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, विदेशी संपर्कों और संभावित फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

20 जून तक ATS रिमांड

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को भोपाल की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ATS की मांग स्वीकार करते हुए दोनों को 20 जून 2026 तक रिमांड पर भेज दिया है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, वित्तीय स्रोतों और संभावित गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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