मोदी बोले जो इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी
नई दिल्ली, एआर लाइव न्यूज। केंद्र सरकार ने गुरुवार को महिला आरक्षण से जुड़े अहम संविधान संशोधन विधेयक संसद में पेश किए। इन अधिनियम के लागू होने के बाद देश की लोकसभा और विधानसभा में की कुल सीटों में 33 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। माना जा रहा है कि इससे देश में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। इन संशोधनों से महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू हो सकेगा। | loksabha news | parliament news today | samvidhan 131th sanshodhan bill | women’s reservation bill | delimitation bill 2026 | PM Narendra Modi
सरकार ने जो तीन बिल पेश किए हैं, उनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन आयोग के गठन के लिए परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक) 2026 शामिल हैं। माना जा रहा है कि परिसीमन के बाद लोकसभा की सदस्य संख्या 543 से बढ़ाकर 850 हो सकती है। samvidhan 131th sanshodhan bill presented in parliament related to women’s reservation bill and delimitation bill 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और जो भी इसका विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए, महिला को मिलने वाले अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया। उनका बुरा हाल हुआ।
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026
इसके तहत कुछ अनुच्छेद में बदलाव करके जनसंख्या की नई परिभाषा और आंकड़ों को स्पष्ट करने के साथ महिला आरक्षण लागू करना शामिल है और बढ़ती आबादी के मद्देनजर संसद में सदस्यों की संख्या को बढ़ाना है। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 में बदलाव होगा। लोकसभा में कुल सीटों की अधिकतम संख्या 850 करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिनमें राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें निर्धारित हो सकती हैं। सीटों के निर्धारण के लिए परिसीमन की प्रक्रिया भी लागू की जाएगी।
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026
दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय करने और सीटों के पुननिर्धारण को लागू करने के लिए यह विधेयक पेश हुआ है।
परिसीमन विधेयक 2026
परिसीमन विधेयक पेश करते हुए सरकार ने कहा है कि 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए परिसीमन समय की मांग है। राज्यों के लिए सीटों की संख्या भी तय नहीं है, सरकार का कहना है कि परिसीमन प्रक्रिया आखिरी बार हुई जनगणना 2011 के आधार पर पूरी की जाएगी। इसके लिए हर राज्य में परिसीमन आयोग बनेगा।
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