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असंवेदनशील रोडवेज निगम: दिव्यांग अधिकारों पर बात करना इनके लिए समय की बर्बादी है!

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। किसी भी समाज की संवेदनशीलता और मानवीयता इस बात से पता चलती है कि उसमें दिव्यांगजन के लिए कितनी जगह, सुविधाएं और मौके है। लेकिन राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC), जहां हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं, दिव्यांगों के प्रति असंवेदनशील नजरिया रखता है। इस बात का खुलासा डॉ. अरविंदर सिंह द्वारा लगायी गयी एक आरटीआई के जवाब में हुआ है। Dr. Arvinder Singh udaipur। Udaipur news Dr. Arvinder Singh। Dr. Arvinder Singh arth news। udaipur news | panacea disability rights activist and arth ceo Dr. Arvinder Singh Received inhuman Response by RSRTC in RTI Query for disability rights

पेनेशिआ डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स के अध्यक्ष एवं अर्थ डायग्नोस्टिक सेंटर के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) द्वारा दिव्यांगजनों के अधिकारों की कथित अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। डॉ. सिंह स्वयं एक दिव्यांग होने के कारण वे इस पीड़ा को व्यक्तिगत रूप से महसूस करते हैं और इसी कारण संस्थान ने जमीनी स्तर पर जांच (ग्राउंड वेरिफिकेशन) की। Dr. Arvinder Singh Udaipur। Dr. Arvinder Singh udaipur news।udaipur news Dr. Arvinder Singh। Arth Dr. Arvinder Singh। arth ceo Dr. Arvinder Singh | Dr. Arvinder Singh Udaipur | RSRTC | inhuman Response | RTI Query | disability rights | panacea disability rights activist | udaipur latest news | humanity | udaipur news latest

संगठन द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कई आवेदन प्रस्तुत कर बस स्टैंड, बसों एवं संबंधित सुविधाओं में दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी गई थी, जैसे व्हीलचेयर, रैम्प, सुगम शौचालय, हेल्पलाइन, अलग कतार, प्रशिक्षित स्टाफ आदि। परंतु जब टीम ने वास्तविकता की पड़ताल की, तो पाया कि अधिकांश स्थानों पर ऐसी कोई प्रभावी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद जब विभाग से जवाब मांगा गया, तो जो उत्तर प्राप्त हुआ वह बेहद असंवेदनशील और अपमानजनक था। प्राप्त उत्तर में यह तक कहा गया कि ऐसे प्रश्न अनावश्यक हैं और दिव्यांग अधिकारों पर बात करना अधिकारियों के समय की बर्बादी है। उनका यह भी कहना है की आरटीआई के तहत ऐसी अव्यावहारिक मांगें प्रशासन के काम में बाधा डालती हैं। Dr. Arvinder Singh Udaipur। Dr. Arvinder Singh arth News। Dr. Arvinder Singh arth Udaipur news।

डॉ. अरविंदर सिंह ने कहा आरएसआरटीसी का यह रवैया न केवल आरटीआई कानून की भावना के विपरीत है, बल्कि यह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रति भी संवेदना रहित प्रतीत होता है। जब दिव्यांग अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की बात करते हैं, तो उनको कोई उत्तर नहीं दिया जाता है। क्या दिव्यांगों के अधिकार भी समय की बर्बादी हैं, यह न केवल गैर-जिम्मेदाराना बल्कि असंवेदनशील व्यवहार है। पेनेशिआ संस्थान ने मांग की है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, सभी बस स्टैंड व बसों को सुगम बनाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि दिव्यांगों के अधिकार कोई दया नहीं, यह उनका संवैधानिक हक है। Dr. Arvinder Singh udaipur news।Dr. Arvinder Singh news udaipur।

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