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रेडियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट पर ही मरीज का पूरा उपचार निर्भर करता है

udaipur pmch radiologist dr kapil vyas addressed IRIA-2026 National Conferenceudaipur pmch radiologist dr kapil vyas addressed IRIA-2026 National Conference

आईआरआईए-2026 राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ.व्यास ने किया संबोधित

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के रेडियोलॉजी सम्मेलन आईआरआईए-2026 में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के रेडियो-डायग्नोसिस विभाग के एचओडी डॉ. कपिल व्यास ने डिजनरेटिव विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों और रेडियोलॉजिस्ट ने भाग लिया। udaipur pmch radiologist dr kapil vyas

सम्मेलन में अपने व्याख्यान में डॉ व्यास ने बताया कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों (स्पाइन) में स्वाभाविक रूप से अपक्षयी परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों में डिस्क का घिसना, नसों पर दबाव, फैसेट जॉइंट्स में बदलाव तथा स्पाइनल कैनाल का संकुचित होना प्रमुख रूप से शामिल होता है।
डॉ व्यास ने एमआरआई जांच के माध्यम से इन परिवर्तनों की सही ढंग से पहचानने और रिपोर्ट करने की महत्ता पर विशेष जोर दिया। यदि एमआरआई में दिखाई देने वाले इन बदलावों को सही तरीके से समझा जाए तो मरीज की बीमारी का सही कारण स्पष्ट किया जा सकता है और उचित उपचार योजना बनाई जा सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार गलत या अधूरी रिपोर्टिंग के कारण मरीज को अनावश्यक सर्जरी की सलाह दे दी जाती है। जबकि सही व्याख्या से दवाइयों, फिजियोथेरेपी या अन्य गैर.सर्जिकल उपचार से ही लाभ मिल सकता है। इसलिए रेडियोलॉजिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उसकी रिपोर्ट पर ही आगे का पूरा उपचार निर्भर करता है।

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