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सफल डॉक्टर बनने के लिए क्यों जरूरी है कम्युनिकेशन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग स्किल्स और एआई सीखना

Why communication branding marketing and AI skills is IMP to become a successful doctor Dr. Arvinder Singh business coach for health care professionals shares his experienceWhy communication branding marketing and AI skills is IMP to become a successful doctor Dr. Arvinder Singh business coach for health care professionals shares his experience

डॉ. अरविंदर सिंह ने साझा किए अनुभव (Dr. Arvinder Singh, business coach for health care professionals)

एक दशक पहले तक मेडिकल फील्ड में आने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन विशेषज्ञ डॉक्टर होना काफी होता था, 12वीं के बाद 5 वर्ष एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर बने युवा प्रेक्टिस शुरू कर देते थे, फिर कॉम्पटीशन बढ़ा तो डॉक्टर्स और बेहतर बनने के लिए पीजी करने लगे, लेकिन आधुनिक बदलते मेडिकल साइंस की दुनिया मे हर युवा डॉक्टर के लिए सफल डॉक्टर बनना आसान नहीं रहा है, अब डॉक्टर के लिए मेडिकल साइंस की पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं रही, एक सफल डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल साइंस में विशेषज्ञता के साथ ही कम्युनिकेशन स्किल्स, ब्रांडिंग-मार्केटिंग की समझ, कानूनी जानकारी, फाइनेंस  मैनेजमेंट और एआई का उपयोग करना सीखना भी बेहद जरूरी है। Dr. Arvinder Singh business coach for health care professionals

यह बात कोई और नहीं, तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके मेडिकल साइंस फील्ड के विशेषज्ञ एमबीबीएस, एमडी डॉक्टर और अर्थ डायग्नोस्टिक के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह का कहना है। एमबीबीएस-एमडी के बाद आईआईएम टॉपर और चिकित्सा कानून पर बुक लिख चुके डॉ. अरविंदर सिंह एआई में भी महारथ हासिल कर रहे है।

हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की मल्टी स्किल डवलपमेंट की जरूरत को समझते हुए डॉ. अरविंदर सिंह ने मेडिप्रेन्योर हेल्थकेयर और इंटरनेशनल मेडिकल बोर्ड ऑफ बिज़नेस स्किल्स लंदन की स्थापना की है। इसके अंतर्गत हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को समस्त बिज़नेस स्किल्स के लिए ऑनलाइन तथा वर्चुअल क्लासरूम के द्वारा ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. अरविंदर सिंह ने बताया कि युवा मेडिकल स्टूडेंट एमबीबीएस के बाद डॉक्टर तो बन जाते है, लेकिन सफल डॉक्टर के लिए क्यों ये क्वालिटी जरूरी हैं, कुछ उदाहरणों के जरिये समझते है….

डॉ. सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि डॉ मंदीप सिंह एक बेहतरीन कार्डियक सर्जन हैं, लेकिन मेडिकल उपकरणों की खरीद के दौरान वे सप्लायर के साथ नेगोशिएशन नहीं कर पाते थे और पर्याप्त से कहीं अधिक भुगतान करना पड़ता था। उन्होंने बातचीत की बेसिक कम्यूनिकेशन स्किल्स और नेगोशिएशन टेक्नीक सीखीं, वे अब एडवांस मशीनों की खरीद में सप्लायर के साथ अच्छी डील कर पाते हैं। इससे उनका काफी धन बचता है और वे अधिक एडवांस मशीनें खरीद पाते हैं। इससे मरीजों को बेहतरीन उपचार मिल रहा है और डॉ मंदीप की आय बढ़ी है। कम्यूनिकेशन स्किल होने से डॉक्टर मरीज के साथ बेहतर संवाद कर सकेंगे और इससे बीमारी को समझने और उपचार में आसानी होगी।

करोड़ों रूपए खर्च कर एमबीबीएस, पीजी करने के बाद चिकित्सक जब प्रेक्टिस शुरू करते हैं, तो उनके पास दो विकल्प होते हैं। एक खुद का क्लीनिक शुरू करना और दूसरा किसी हॉस्पिटल में जॉब करना। दोनों ही विकल्प में चिकित्सक को व्यक्तिगत और क्लीनिक की ब्रांडिंग-मार्केटिंग की जरूरत होती है। चिकित्सक चाहे कितना ही विशेषज्ञ हों या बेहतरीन इलाज करते हों, अगर उनके या उनके क्लीनिक के बारे लोगों को पता नहीं होता तो मरीज उन तक नहीं पहुंच पाते। इससे चिकित्सक और मरीज दोनों का नुकसान होता है। मार्केटिंग-ब्रांडिंग टेक्नीक के बारे में बेसिक समझ होगी तो खुद की मार्केटिंग-ब्रांडिंग के लिए वे किसी बेहतर कंपनी या व्यक्ति को हायर कर सकेंगे और अपनी विशेषज्ञता को देश-दुनिया में पहुंचा सकेंगे। इससे चिकित्सक की ख्याति बढ़ेगी और ज्यादा धन अर्जित कर सकेंगे।

चिकित्सक धन तो कमाना शुरू कर देते हैं, लेकिन धन को मैनेज नहीं कर पाते। धन का कहां निवेश करना है, किस तरह से निवेश करना है, धन का कितना हिस्सा व्यवसाय और कितना हिस्सा परिवार व लाइफ सिक्योरिटी पर खर्च करना है और कितना धन से धन बनाने के लिए निवेश करना है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं होती। काम करने मशीन बना लेते हैं खुद को, लेकिन जरूरत के समय पर्याप्त जमापूंजी नहीं होती। यह तब ही संभव है जब चिकित्सक को फाइनेंस मैनेजमेंट की जानकारी हो।

बदलते दौर में चिकित्सकों के सामने आए एक चुनौती अक्सर सामने आती है। मरीजों की ट्रीटमेंट के दौरान कई बार परिजन बहुत आवेश में आ जाते हैं। कई बार चिकित्सकों को गैर जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं से भी उलझना पड़ता है। इस बीच अगर चिकित्सक को पर्याप्त कानूनी जानकारी नहीं है, तो उन्हें न सिर्फ वकील पर निर्भर होना पड़ता है, बल्कि उन्हें काफी तनाव झेलना पड़ता है और आर्थिक हानि भी होती है। इसी बीच अगर चिकित्सक को मिली कानूनी सुरक्षा और अधिकारों की जानकारी होती है तो वह तनाव से तो बचेंगे ही, उनका समय भी बचेगा और धन भी।

ऊपर बतायी गयी सभी स्किल्स को कम समय में और आसानी से सीखने व समझने के लिए चिकित्सकों को बेसिक टेक्नोलॉजी एआई की नॉलेज होना बेहद जरूरी हो गया है। दुनिया में कई चिकित्सक एआई की मदद से कम समय में बीमारी का सटीकता के साथ न सिर्फ पता कर पा रहे हैं, बल्कि एआई मरीज के बेहतरीन उपचार में भी मददगार है। चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी और खुद की समृद्धि में एआई की मदद से अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं। Dr. Arvinder Singh business coach for health care professionals

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