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डॉ. जुल्फिकार के ट्रेप की मुख्य वजह आयी सामने.! रिश्वत के अलावा किस बात से परेशान था परिवादी.?

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर में पीसीपीएनडीटी के समुचित प्राधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर जुल्फिकार अहमद काजी के रिश्वत लेते गिरफ्तार होने के 10 दिन बाद भी राज्य सरकार ने वो पीसीपीएनडीटी कमेटी अब तक भंग नहीं की है, जिस कमेटी के बतौर मुखिया डॉ. जुल्फिकार ने डेढ़ लाख रूपए रिश्वत मांग की थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज की गयी एफआईआर में परिवादी ने न सिर्फ डॉ. जुल्फिकार, बल्कि कमेटी के डॉ. आनंद गुप्ता पर भी आरोप लगाए गए हैं। (udaipur acb trap dr zulfiqar case)

एसीबी की एफआईआर में परिवादी ने पीसीपीएनडीटी कमेटी के डॉ.आनंद गुप्ता पर हेरसमेंट का आरोप लगाया है। “परिवादी ने एसीबी को बताया कि उनकी (डॉ. जुल्फिकार) की सबसे बड़ी गलती यह है कि वे उस आदमी को लेकर आते हैं जो बदतमीजी करता है। बहुत हेरेसमेंट करता है। वो बदतमीजी करता है, ये पैसे लेते हैं”। परिवादी की शिकायत से यह प्रतीत होता है कि वह न सिर्फ डॉ. जुल्फिकार के रिश्वत मांगे जाने से परेशान था, बल्कि वह उसके और उसकी पत्नी के साथ होने वाले दुर्व्यवहार से ज्यादा परेशान था।

आरोपों को लेकर डॉक्टर आनंद गुप्ता ने कहा कि मैंने परिवादी के सेंटर पर निरीक्षण किया और कमियां बताई थीं, मेरा कमियां बताना उनको पसंद नहीं आया और उन्होंने इसको अदरवाइज लिया। बतौर पीसीपीएनडीटी कमेटी मेंबर सोनोग्राफी सेंटर्स का निरीक्षण करना और कमियों के बारे में बताकर सुधार करवाना हमारी जिम्मेदारी है और मैंने वही किया। मेरे बीस साल के कॅरियर में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी ने दुर्व्यवहार का आरोप लगाया हो और परिवादी को मैंने सिर्फ निरीक्षण में मिली कमियां बतायी थीं और कुछ नहीं। दुर्व्यवहार जैसे आरोप गलत हैं।

इधर एसीबी एफआईआर के अनुसार डॉ. जुल्फिकार को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी ने रिश्वत के सवा लाख रूपए में डॉ. आनंद गुप्ता के हिस्से के बारे में पूछा तो डॉ. जुल्फिकार ने रिश्वत राशि में डॉ. आनंद गुप्ता का हिस्सा होने से इनकार किया। एसीबी हर पहलू की जांच कर रही है, वहीं राज्य स्तरीय पीसीपीएनडीटी कमेटी ने भी जांच शुरू की है। (udaipur acb trap dr zulfiqar case health department did not dissolve pcpndt committee udaipur yet after corruption allegations)

एसीबी की कार्रवाई के बाद पीसीपीएनडीटी कमेटी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गयी थी। आरोप लग रहे थे कि डॉ. जुल्फिकार ही नहीं, पूरी कमेटी ही भ्रष्टाचार में लिप्त है, ताजुब्ब की बात है कि गंभीर आरोपों के बावजूद इस कमेटी को अभी तक भंग नहीं किया गया है। जिसको लेकर उदयपुर में संचालित हॉस्पिटल, आईवीएफ सेंटर और सोनोग्राफी सेंटर संचालकों में रोष है।

गौरतलब है कि उदयपुर जिले में सभी छोटे-बड़े हॉस्पिटल, आईवीएफ सेंटर्स, डायग्नोस्टिक सेंटर्स सहित कुल 98 सोनोग्राफी सेंटर है। जिले की पीसीपीएनडीटी कमेटी के समुचित प्राधिकारी और सदस्य इन सभी सोनोग्राफी सेंटर्स की निरीक्षण करने के लिए अधिकृत होते हैं। सोनोग्राफी मशीन को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने, सोनोग्राफी सेंटर्स पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों की पालना होने सहित अन्य चीजों को लेकर यह कमेटी सोनोग्राफी सेंटर्स का निरीक्षण करते हैं।

यह भी पढ़ें : 11 अगस्त को एसीबी ने डॉ. जुल्फिकार को सवा लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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