- पूर्व सरकार के मंत्री की सरपरस्ती में हुए करोड़ों के घोटाले, हजारों ग्रामीण सूखे की मार झेल रहे और आदिवासियों की करोड़ों की जमीन हड़पी : सुराणा
- ITC group hotel memntos udaipur dispute case
सुराणा का आरोप – झाला ने राजपूत और आदिवासी समाज को झूठ बोलकर धोखा दिया है
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के बहुचर्चित विवाद आईटीसी ग्रुप के होटल मेमेंटोज (ITC group hotel memntos udaipur) के भूखंड विवाद के संबंध में पीडित मार्बल व्यवसायी कपिल सुराणा ने गुरूवार को एक प्रेसवार्ता की, जिसमें कपिल सुराणा ने आईटीसी के होटल मेमेंटोज, विजेन्द्र चौधरी और लक्ष्मण सिंह झाला का कच्चा-चिट्ठा खोल कर रख दिया। कपिल सुराणा ने दस्तावेजों के साथ कई बड़े खुलासे किए। ITC group hotel memntos udaipur dispute case
इधर कपिल सुराणा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार हुए लक्ष्मण सिंह झाला की पुलिस रिमांड पूरी होने पर सुखेर थाना पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने झाला को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। लक्ष्मण सिंह झाला की तरफ से कोर्ट में जमानत की याचिका भी लगायी गयी, लेकिन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया।
पूर्व मंत्री रामलाल जाट की सरपरस्ती में हुए सारे घोटाले
कपिल सुराणा ने आरोप लगाया कि राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार के राजस्व मंत्री और पूर्व उदयपुर जिला प्रभारी (रामलाल जाट) खुद इस होटल के पक्ष में खड़े थे, कपिल सुराणा ने बताया कि जब उन्होंने अपनी जमीन विजेन्द्र चौधरी को बेचने से मना कर दिया था, तब से यह विवाद शुरू हुआ, पूर्व कांग्रेस सरकार के राजस्व मंत्री ने उन्हें सर्किट हाउस में बुलाकर धमकाया था और कहा था कि जमीनों के मसले है, उलझ जाओगे, जिंदगी निकल जाएगी। सुराणा ने बताया कि राजनीतिक संरक्षण के चलते विजेन्द्र चौधरी और लक्ष्मण सिंह झाला ने आदिवासी और राजपूत समाज के ग्रामीण सहित सैकड़ों ग्रामीणों की जमीन कौड़ियों के दाम पर जबरन हड़प ली, जिसने बेचने से मना किया, उसे बंदूक की नोंक पर, मारपीट कर डरा-धमका कर जमीन बचेने के लिए मजबूर किया गया।
प्रेसवार्ता में विक्रम सिंह देवड़ा ने बताया कि वे होटल वालों को जमीन नहीं बेचना चाहते थे, लेकिन लक्ष्मण सिंह झाला ने 2017 में उनके साथ मारपीट कर डरा-धमका कर जबरन उन्हें जमीन कौड़ियों के दाम पर बेचने के लिए मजबूर किया और उनकी 40 बीघा जमीन हड़प ली गयी। उन्होंने प्रशासन में शिकायत की, लेकिन नेता, सरकार सब इन लोगों के पक्ष में थी तो कहीं कोई सुनवायी नहीं हुई।
होटल जमीन में झाला की एक-चौथाई की हिस्सेदारी है
कपिल सुराणा ने कहा कि झाला बयान दे रहे हैं कि उनका आईटीसी वालों या विजेन्द्र चौधरी से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि होटल बनाने के लिए खरीदी गयी जमीन में लक्ष्मण सिंह झाला विजेन्द्र चौधरी के पार्टनर है, झाला की एक-चौथाई की साझेदारी है। सुराणा ने कहा जब हाईकोर्ट के आदेश पर मेरी जमीन का सीमांकन (सीमा-ज्ञान) हो रहा था तो लक्ष्मण सिंह झाला ने मुझ पर जानलेवा हमला करवाया। क्यों कि सीमा-ज्ञान में यह सामने आ गया कि आईटीसी के होटल मेमेंटोज का रिसेप्शन, पार्किंग, रास्ता मेरी जमीन पर अवैध कब्जा (अतिक्रमण) कर बनाया गया है। आज की तारीख में होटल वालों के पास तो होटल तक पहुचंने के लिए कोई वैध रास्ता तक नहीं है।
7 लाख वर्ग फीट सरकारी जमीन पर है कब्जा
सुराणा ने बताया कि विजेन्द्र चौधरी ने लक्ष्मण सिंह झाला के जरिए न सिर्फ आदिवासियों और ग्रामीणों की जमीनें हड़पी, बल्कि 7 लाख वर्ग फीट सार्वजनिक उपयोग की सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया है। सुराणा ने कहा होटल के अंदर गार्डन, पार्क, रास्ते आदि सार्वजनिक उपयोग वाली सरकारी जमीन पर बने हैं। अगर उदयपुर और राजसमंद प्रशासन मिलकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में सार्वजनिक उपयोग वाली जमीन खाली करवाने की कार्रवाई करता है तो होटल के अवैध कब्जे सामने आ जाएंगे। जो जमीन ग्रामीणों और उनके मवेशियों के सार्वजनिक उपयोग के लिए है, उस पर विजेन्द्र चौधरी ने अवैध कब्जा कर होटल बना लिया।
गंधर्व तालाब सूखा, राया गांव में कुएं सूखे, पानी को तरस रहे ग्रामीण
सुराणा ने बताया कि ग्रामीणों के सार्वजनिक उपयोग के लिए राया गांव में एक नाला बना हुआ है, यही नाला घासा के गंधर्व तालाब को भरता है। लेकिन होटल वालों ने नाले पर बने एनीकट की डेढ़ मीटर ऊँचाई बढ़ा दी और 60 फीट के नाले को होटल के सामने के हिस्से में 250 फीट का बना दिया। इससे होटल के बाहर तो खूबसूरती है, लेकिन गंदर्भ सागर तालाब सूख गया है, राया गांव के कुएं सूख गए हैं और हजारों ग्रामीण सूखे की मार झेल रहे हैं।
सरकार को पहुंचाई करोड़ों की राजस्व हानि
सुराणा ने आरोप लगाया कि इस होटल के लिए ग्रामीणों से खरीदी गयी जमीन में करोड़ों का नगद लेन-देन हुआ। एक पैसा ग्रामीणों के खाते में चेक से नहीं गया। पूरे मामले में 40 से 50 करोड़ रूपए की स्टाम्प चोरी कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचायी गयी है। इस संबंध में 26 प्रकरण डीआईजी स्टाम्प के यहां दर्ज हैं, जिनकी जांच चल रही है।
नोट : इस पूरे मामले में इतने फर्जीवाड़े, घोटाले और गड़बड़ियां हुई हैं, कि हम इसे एक खबर के जरिए आपको नहीं समझा सकते, ऐसे में हम आने वाले दिनों में अलग-अलग खबरों के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े को उजागर करने का प्रयास करेंगे।
आईटीसी ग्रुप के उदयपुर स्थित होटल मेमेंटोज के विवादों से जुड़ी खबरें : यह भी पढ़ें
कपिल सुराणा पर जानलेवा हमला : आईटीसी ग्रुप के होटल मेमेंटोज से जुड़ा भूमि विवाद
आईटीसी का मेमेंटोज होटल एंड रिसोर्ट : कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ी सड़क
आईटीसी मेमेंटोज होटल-रिसोर्ट प्रोपर्टी में बड़े घोटाले की आशंका
नदी का बहाव रोक किया कब्जा, एनजीटी ने जारी किया नोटिस
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।
रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज के https://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

