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अनंता हॉस्पिटल में हुई दो बच्चों की निशुल्क ‘‘कोक्लियर इम्प्लांट’’ सर्जरी

children free cochlear implant surgery in ananta hospital with the help of ananta charitable education societychildren free cochlear implant surgery in ananta hospital with the help of ananta charitable education society

राजसमंद/उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। अनंता चेरिटेबल एजुकेशनल सोसायटी के सहयोग से नाक-कान-गला रोग के प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा दो बच्चों में ‘‘कोक्लियर इम्प्लांट’’ सर्जरी सफलतापूर्वक की गयी। दोनों ही बच्चे जन्म से ही सुन नहीं सकते थे। इस सर्जरी के बाद दोनों ही बच्चों की खामोश जिंदगी को आवाज मिल सकेगी। वे सुन सकेंगे और बोल भी सकेंगे।(ananta hospital)

अनन्ता अस्पताल के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि उदयपुर के मावली निवासी बच्ची जयश्री झाला पुत्री नाहर सिंह उम्र 2 वर्ष 9 माह और पाली निवासी भावेश चौधरी पुत्र सुरेश चौधरी उम्र 3 वर्ष जन्म से ही सुन नहीं सकते थे और इस कारण से वो बोल भी नहीं पा रहे थे। दोनों बच्चों के परिजन जब बच्चों को लेकर अनन्ता अस्पताल के नाक कान गला रोग विभाग में आये तो चिकित्सकों ने ‘कोक्लियर इम्प्लांट’’ सर्जरी की सलाह दी। लेकिन एक इम्प्लांट सर्जरी का खर्च लगभग 10 से 12 लाख रुपये आ रहा था। परिजन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण खर्च को वहन नहीं कर पा रहे थे। इस पर अनन्ता चेरिटेबल ट्रस्ट से सहयोग मांगा गया एवं ट्रस्ट की तरफ से दोनों बच्चों की सर्जरी पूरी तरह निशुल्क की गयी।

प्रसिद्ध कॉकलीयर इम्प्लांट सर्जन डॉ. मोहनीश ग्रोवर की देखरेख में हुई सर्जरी

इम्प्लांट सर्जरी जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय के प्रसिद्ध कोक्लियर इम्प्लांट सर्जन डॉ. मोहनीश ग्रोवर की देखरेख में अनन्ता अस्तपाल अधीक्षक डॉ. एच.एस. भुई के नेतृत्व में डॉ. सुशान्त जोशी, डॉ. राम कल्याण मीणा, निश्चेतना विभाग अधीक्षक डॉ. सुमन, डॉ. अंकिता, डॉ. आशीष एवं टीम ने की।

ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. भुई ने इम्प्लांट की विशेषता के बारे में बताया कि जो बच्चे बचपन से सुन नहीं सकते हैं, उनके कान में शल्य क्रिया द्वारा ये उपकरण आंतरिक कान में लगाया जाता है। ये प्रत्यारोपण अगर समय रहते छोटी उम्र में ही किया जाये तो परिणाम बहुत अच्छे आते है और बच्चा अपना जीवन सामान्य बच्चों की तरह व्यतीत कर सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की है वे बच्चों पर ध्यान रखें और यदि बच्चा सुन नहीं पा रहा है या बोलने में असमर्थ है तो समय पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक से सम्पर्क करें।

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