Site iconSite icon AR Live News

27 बग्गियों पर सवार वर-वधु के 54 जोड़े शहर में बैंड-बाजे के साथ निकले तो थिरक उठे लोग

narayan seva sansthan divyang nirdhan samuhik vivah samaroh haldi mehandi bindoli programnarayan seva sansthan divyang nirdhan samuhik vivah samaroh haldi mehandi bindoli program

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उल्लास से चमकते चेहरे, इंद्रधनुषी रोशनी, बैण्ड दस्तों के मधुर स्वरों में झूमते-नाचते हजारों लोग, शादी के वेष में सजी-धजी बग्गियों व वाहनों में विराजे नव युगल। यह दिव्य अवसर था नारायण सेवा संस्थान की ओर से शनिवार शाम नगर निगम प्रांगण से शहर में निकली बिन्दोली का। (narayan seva sansthan divyang samuhik vivah samaroh) जिसे संस्थापक कैलाश मानव, प्रशांत अग्रवाल, वंदना अग्रवाल, महेश अग्रवाल, पलक अग्रवाल ने निगम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

नारायण सेवा संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि बिन्दोली में नाचते-गाते लोगों ने उमंग और उल्लास का ऐसा रंग जमाया कि रह चलता राहगीर भी नवयुगलों को दुआएं देते थिरक उठा। नगर निगम प्रांगण से रवाना हुई बिन्दोली सूरजपोल सर्किल, पुराना कंट्रोल रूम, बापूबाजार होते हुए पुनः निगम परिसर पहुंची। वीडियो में देखें 54 जोड़ों की भव्य बिंदोली :-

कल बंधेंगे विवाह के सूत्र में

प्रशांत अग्रवाल ने बताया इन जोड़ों का रविवार सुबह शुभ मुहूर्त में वैदिक मत्रों के बीच सेवामहातीर्थ बड़ी में सामूहिक विवाह संपन्न होगा। संस्थान पिछले 39 विवाहों के माध्यम से 2252 जोड़ों की संपूर्ण पुनर्वास प्रकल्प के तहत गृहस्थी बसाने में सहायक बना है। बिन्दोली के स्वागत के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, संगठनों की ओर से स्वागत द्वार, जलपान के काउंटर लगाए गए थे। सुबह शुभ मुहूर्त में संस्थान संस्थापक पद्मश्री कैलाश “मानव”, कमला देवी अग्रवाल, वंदना अग्रवाल के सानिध्य में गणपति स्थापना व हल्दी रस्म का निर्वाह किया गया। इस दौरान विवाह के पारम्परिक गीतों पर देर तक लोग नाचते रहे।

इस दौरान समाजसेवी प्रेम निजावन दिल्ली, संत कुमार मुम्बई, मुकेश भरत पटेल अमरीका, पारस कटारिया इंदौर, महेश भरूरवा नागपुर, कमलेश द्विवेदी कोलकाता सहित विभिन्न राज्यों से आए अतिथियों व कन्यादानियों का अभिनंदन भी किया गया।

यह भी पढ़ें : उदयपुर की अनूठी डेस्टिनेशन वेडिंग

यह भी पढ़ें : अधूरे हम, अधूरे तुम, जो हम-तुम संग हों तो फिर क्या गम, हाथ थामकर शुरू करेंगे नया सफर

Exit mobile version