डॉक्टर को इलाज से पहले बताना होगा चिकित्सा शुल्क : गजट नोटीफिकेशन जारी कर एनएमसी ने जारी किए नियम
लकी जैन, उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। Medical News- नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने गजट नोटीफिकेशन में रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर्स (RMP) चिकित्सकों के लिए नियम जारी किए है। इसमें चिकित्सक को मरीज और उसके प्रोफेशन के प्रति व्यक्त किए जाने वाले आचरण, व्यवहार सहित मेडिकल प्रेक्टिस के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, अधिकारों के बारे में बताया गया है, तो वहीं चिकित्सकों को उनकी सुरक्षा को लेकर भी कुछ अधिकार दिए हैं।-
सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि अब यदि कोई परिजन डॉक्टर के साथ हिंसक व्यवहार करता है, तो डॉक्टर उसके मरीज का उपचार करने से इनकार करने का अधिकार रखता है। डॉक्टर्स को मिला यह अधिकार अस्पतालों में मरीज के परिजनों द्वारा चिकित्सकों के साथ किए जाने वाले दुर्व्यवहार की घटनाओं पर अंकुश जरूर लगाएगा। लिंक पर क्लिक कर पढ़ें गजट की कॉपी: https://www.nmc.org.in/MCIRest/open/getDocument?path=/Documents/Public/Portal/LatestNews/NMC%20RMP%20Conduct%20Regulations%202023.pdf
नियम नंबर 26 में मिला डॉक्टर्स को यह अधिकार
गजट नोटिफिकेशन के 26 नंबर के नियम रोगी की देखभाल में स्पष्ट लिखा है कि किसी जानलेवा आपात स्थिति को छोड़कर, आरएमपी यह चुनने के लिए स्वतंत्र है कि वह किसकी सेवा करेगा। किसी केस को स्वीकार करने के बाद, आरएमपी को न तो रोगी की उपेक्षा करनी चाहिए और नही रोगी और उसके परिवार को पर्याप्त सूचना दिए बगैर केस से पीछे हटना चाहिए। यदि आरएमपी में बदलाव की आवश्यकता होती है तो स्वयं रोगी या अभिभावक से सहमति प्राप्त की जानी चाहिए।
आरएमपी जो रोगी को देखता है, अपने कार्यों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह होगा और उचित शुल्क का हकदार होगा। अत्याचारी, अनियंत्रित और हिंसक रोगियों या रिश्तेदारों के मामले में, आरएमपी व्यवहार को प्रलेखित और सूचित कर सकता है और रोगी का इलाज करने से मना कर सकता है। ऐसे मरीजों को आगे के इलाज के लिए अन्यत्र रेफर करना चाहिए।
आपात स्थिति के अलावा डॉक्टर को बताना होगा चिकित्सा का अनुमानित शुल्क
गजट नोटिफिकेशन के नियम नंबर 6 में आरएमपी के पारिश्रमिक के अधिकार को बताया है, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि रोगी की जांच या उपचार से पहले रोगी को परामर्श शुल्क की जानकारी दी जानी चाहिए। रोगी को सर्जरी या उपचार की लागत के बारे में तर्कसंगत अनुमान बताना चाहिए। ताकि रोगी या उसके परिजन निर्णय ले सकें।
यदि बताए गए शुल्क का भुगतान नहीं किया जाता है तो, तो आरएमपी मरीज का उपचार करने या उपचार जारी रखने से मना कर सकता है। हालां कि यह नियम सरकारी सेवा में नियुक्त डॉक्टरों और आपात स्थितियों पर लागू नहीं होता है, अपितु डॉक्टर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रोगी को छोड़ा न जाए।
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