दोनों सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित
नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। संसद के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। मणिपुर हिंसा को लेकर सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्ष ने जमकर हंगामा कर नारेबारी की। विपक्ष के नेताओं ने मणिपुर हिंसा मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग की और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की। हालां कि विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों सदनों को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह मणिपुर मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे, इस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आप सांसद संजय सिंह को पूरे सेशन के लिए सस्पेंड कर दिया है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया
सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया और सभापति से अनुरोध किया कि वे इस मामले पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए उच्च सदन के कामकाज के निलंबन पर उनके नोटिस पर विचार करें। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने घोषणा की कि उन्हें नियम 267 के तहत 27 नोटिस मिले हैं। इस बीच टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने मुद्दे उठाना शुरू कर दिया। सभापति ने उन्हें चेतावनी दी और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
यह बोले नेता
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में मणिपुर हिंसा पर बोलना चाहिए और देश में शांति बनाए रखना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कानून को अपना काम करना चाहिए, लेकिन मणिपुर में जो चल रहा है और देश के अन्य हिस्सों में जो हुआ है, उसमें अंतर है। पिछले 77-78 दिनों से लगातार हिंसा हो रही है। मणिपुर में पूरी तरह से जातीय विभाजन है। इसलिए मणिपुर में जो हो रहा है, उसकी तुलना अन्य राज्यों से करना सही नहीं।
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा यह महिलाओं के बारे में है, राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है, किसी भी राज्य में ऐसा होना गलत है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार अक्षम है। आप पीएम मोदी संसद में चर्चा नहीं चाहते। सरकार ध्यान भटका रही है। डबल इंजन सरकार अक्षम है।

