परीक्षा से दो से तीन सप्ताह पहले ही प्रश्नपत्र कटारा ने लीक कर दिया था
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान सैकेंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले (teacher bharti paper leak case 2022) में एसओजी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्य बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को प्रेसकॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया। एसओजी एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि यह परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्वारा करवाई गयी थी, ऐसे में बाबूलाल की भर्ती परीक्षा प्रश्न पत्र तक पहुंच आसान थी। बाबूलाल कटारा ने ही यह पेपर लीक कर गिरोह सरगना शेर सिंह मीणा को 60 लाख रूपए में बेचा था।
इसके बाद शेर सिंह ने इस प्रश्नपत्र को भूपेंद्र और सुरेश ढाका को 80 लाख रूपए में बेचा था। भूपेन्द्र और सुरेश ढाका ने कोचिंग सेंटर सहित अन्य माध्यमों से अभ्यर्थियों से संपर्क किया और अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र 5 से 10 लाख रूपए में बेचा था।एसओजी ने गिरफ्तार किए गए आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय कटारा और चालक गोपाल सिंह को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने उन्हें 23 अप्रैल तक की रिमांड पर भेजा है। एसओजी तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी, जिसमें और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
घर पर किया था सौदा
एसओजी पड़ताल में खुलासा हुआ है कि RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने प्रश्नपत्र का सौदा उसके घर पर ही किया था और इसके बदले शेर सिंह से दो किश्तों में 60 लाख रूपए वसूले थे। परीक्षा 2 से 3 सप्ताह पहले ही कटारा ने प्रश्न पत्र गिरोह माफिया को बेच दिया था।
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