एक्सईएन 1 लाख रूपए परिवादी से पूर्व में भी ले चुका था
एआर लाइव न्यूज। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाड़ा की टीम ने मंगलवार को राजसमंद जिले के भीम में पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन) केशराम मीणा और दलाल गोपाल सिंह रावत को 2 लाख रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने परिवादी ठेकेदार से सड़क डामरीकरण कार्य के 98 लाख रूपए का बिल पास करने की एवज में 5 लाख रूपए की रिश्वत मांगी थी।
एसीबी एडिएसपी ब्रजराज सिंह चारण ने बताया कि परिवादी ने एसीबी कार्यालय पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केशराम मीणा के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि केशराम मीणा राजसमंद जिले के भीम खंड में एक्सईएन हैं। परिवादी ने 2018 में डीएमएफटी योजना फेज द्वितीय के अन्तर्गत 4 सड़कों का डामरीकरण कार्य करवाया था।
जिसका करीब 1 करोड़ 16 लाख रूपये के बिल परिवादी ने अधिशाषी अभियन्ता कार्यालय भीम में करीब साढ़े तीन साल पहले ही जमा करवा दिए थे। जिसमें करीब 12 लाख का भुगतान पूर्व में हो गया था। शेष करीब 98 लाख रूपये के भुगतान की एवज में एक्सईएन केशराम 5 लाख रूपये रिश्वत मांग रहे हैं।
परिवादी को सरकारी आवास पर ही बुला लिया
18 जून को एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, तो रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान भी एक्सईएन केशराम मीणा ने 1 लाख रूपये परिवादी से लिए और बचे हुए 4 लाख रूपये की और मांग की। इस पर आज एसीबी टीम भीम पहुंच गयी।
एक्सईएन केशराम मीणा ने परिवादी को उसके सरकारी आवास पर ही बुला लिया। केशराम ने परिवादी से रिश्वत राशि के 2 लाख रूपए लिए और रैक में रख दिए। इसी दौरान एसीबी ने दबिश दी और केशराम को रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मौके से एसीबी ने केशराम मीणा के साथी दलाल को भी गिरफ्तार किया है।
ट्रेपकर्ता अधिकारी : यह ट्रेप कार्रवाई भीलवाड़ा एसीबी डीएसपी शिव प्रकाश, हेडकांस्टेबल गोपाल जोशी, प्रहलाद कुमार, कांस्टेबल प्रेमराज, शिवराज सिंह, रामेश्वर लाल, विनोद कुमार और हेमेन्द्र सिंह की टीम ने की है।

