उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जिला परिवहन कार्यालय में लाइसेंस बनाने के नाम पर वसूले जा रहे कमीशन के खेल का खुलासा किया है। राजसमंद और उदयपुर एसीबी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजसमंद जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) नैन सिंह सोढ़ा और दो दलाल वजहाराम गुर्जर, तरूण कुमार को 50 हजार रूपए रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया है।
डीटीओ दो महीने का 2 लाख 61 हजार रूपए कमीशन मांग रहा था
एसीबी महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि परिवादी जिला परिवहन कार्यालय राजसमंद में यातायात सलाहकार का कार्य करता है। उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए लाइसेंस बनाने की एवज में डीटीओ नैन सिंह सोढ़ा प्रति लाइसेंस 1150 रूपए कमीशन लेते हैं, इसमें 500 रूपए डीटीओ, 500 रूपए यातायात निरीक्षक आनंद सिंह और 150 रूपए लिपिक मुकेश कुमार को दिए जाते हैं।
लेकिन अब डीटीओ नैन सिंह सोढ़ा 1150 रूपए के बजाए 1750 रूपए प्रति लाइसेंस कमीशन रिश्वत मांग रहे हैं और इतना कमीशन नहीं देने पर 15 फरवरी के बाद से लाइसेंसों को पास नहीं किया जा रहा है। डीटीओ नैन सिंह सोढ़ा दो महिने के बकाया कमीशन के रूप में 2 लाख 61 हजार रूपए रिश्वत उसके दलाल वजहराम गुर्जर के जरिए मांग कर परेशान कर रहा है।
शिकायत का सत्यापन करने पर कमीशन के रूप में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इस पर आज एसीबी निरीक्षक हरीशचन्द्र ने राजसंद में परिवादी से 50 हजार रूपए रिश्वत लेते हुए दलाल वजहराम गुर्जर को पकड़ा और इसके बाद रिश्वत स्वीकार करने पर डीटीओ नैनसिंह सोढा और एक अन्य दलाल तरूण कुमार गिरफ्तार किया है।
ट्रेप करते ही एसीबी ने घर पर मारा छापा
डीटीओ नैन सिंह सोढ़ा को गिरफ्तार करते ही एसीबी टीमों ने उसके राजसमंद और जयपुर स्थित आवास पर भी छापा मारा है। एसीबी टीमों डीटीओ के घर की तलाशी कर रही हैं।
एसीबी एसपी राजीव पचार ने बताया लाइसेंस बनाने के लिए कमीशन के रूप में रिश्वत ले रहे अन्य अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी की जा रही है।

