उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर-राजसमंद हाईवे पर सुखेर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसमें किसी को अंदाजा नहीं था कि एक युवक की मौत हो गयी है। मंगलवार सुबह सुखेर थाना क्षेत्र के उदयपुर-राजसमंद हाईवे स्थित ढाबे से नजदीक बने कुएं में पानेरियों की मादड़ी निवासी 25 वर्षीय देवीलाल उर्फ नाथूलाल पुत्र सीताराम मेनारिया का शव मिला। अअचानक परिजन युवक की मौत का जिम्मेदार पुलिस को ठहराने लगी, तो सभी चौंक गए कि यहां बीती रात ऐसा क्या हुआ था।
दो अलग-अलग घटनाक्रम ढाबे पर मिले और हुई युवक की मौत
पहले घटनाक्रम के अनुसार सोमवार रात पानेरियों की मादड़ी निवासी देवीलाल उर्फ नाथूलाल दोस्तों के साथ जागरण में गया था। वापस लौटते समय रात करीब ढाई-तीन बजे वह उसके दोस्तों के साथ हाईवे स्थित सोनू ढाबे के पास ढाबे पर चाय पीने रूके।
दूसरे घटनाक्रम में इधर राजसमंद-उदयपुर बॉर्डर पर बने देलवाड़ा थाने की पुलिस ने सोमवार रात नाकाबंदी में बाइक सवार किन्हीं दो युवकों को पकड़ा। इनसे देलवाड़ा पुलिस को कुछ संदिग्ध सामान बरामद हुआ। पूछताछ में पता चला कि इनके दो साथी भाग गए हैं और उदयपुर-राजसमंद हाईवे स्थित सोनू ढाबे पर मिल सकते हैं। इस पर देलवाड़ा पुलिस उन दो संदिग्ध युवकों की तलाश में सोनू ढाबे पर पहुंची।
उस समय नाईट कर्फ्यू चल रहा था, तो ढाबे पर पुलिस को आता देख वहां बैठे लोगों को लगा कि पुलिस कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन की कार्यवाही करेगी और पकड़ ले जाएगी। इस पर सोनू ढाबे और उसके पास वाले ढाबे पर बैठे सभी लोग वहां से भाग खड़े हुए। पुलिस के डर से सभी को भागता देख ढाबे पर चाय पी रहे देवीलाल और उसके तीन दोस्त भी वहां से भागे। देवीलाल के तीनों दोस्त तो सड़क की ओर भागे, लेकिन देवीलाल ढाबे के पीछे की तरफ भागा। ढाबे से करीब 35-40 फीट दूर कुआं बना हुआ था, अंधेरे में देवीलाल को वह कुआं दिखाई नहीं दिया और भागते-भागते वह कुएं में गिर गया। कुएं में गिरने से देवीलाल की मौत हो गयी।
जब देवीलाल घर नहीं पहुंचा तो वहीं से तलाश शुरू हुई, जहां उसे आखिरी बार देखा गया था
सुबह तक जब देवीलाल घर नहीं पहुंचा, तो उसकी तलाश शुरू हुई। परिजनों ने देवीलाल के दोस्तों से पूछा तो पता चला कि उसे आखिरी बार ढाबे पर छोड़ा था, इसके बाद सभी पुलिस के डर से भाग गए थे। इस पर परिजनों ने ढाबे के आस-पास तलाश शुरू की तो कुएं में देवीलाल का शव मिल गया।
सूचना पर सुखेर पुलिस मौके पर पहुंची। युवक के परिजनों ने अन्य लोगों के साथ देलवाड़ा पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्षन किया और युवक की मौत का देलवाड़ा पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। काफी समझाइष के बाद परिजन माने और पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।

