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रेमडेसिवीर इंजेक्शन कालाबाजारी: पेसिफिक उमरड़ा के नर्सिंग कर्मी कोविड आईसीयू वार्ड से रेमडेसिवीर चोरी कर दलाल को बेच देते थे

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गीतांजलि हॉस्पिटल के स्टाफ के बाद आज पेसिफिक उमरड़ा का स्टाफ भी रेमडेसिवीर की कालाबाजारी में धरा गया, 92 इंजेक्शन कर चुके हैं चोरी

उदयपुर,(ARLive news)। कोरोना के मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो रहे रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी में आज शुक्रवार को उमरड़ा स्थित पेसिफिक हॉस्पिटल (PIMS) के दो नर्सिंग कर्मी सहित 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये दोनों नर्सिंगकर्मी पेसिफिक हॉस्पिटल उमरड़ा के कोविड आईसीयू वार्ड में कार्यरत थे। जहां ड्यूटी के दौरान ये दोनों वहां भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आए इंजेक्शन चोरी कर लेते थे और बाजार में दलालों के जरिए बेच देते थे। इस तरह से ये अब तक रेमडेसिवीर के 92 इंजेक्शन चोरी कर उंचे दामों में बेच कालाबाजारी कर रहे थे।

एसपी राजीव पचार ने बताया कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में उमरड़ा स्थित पेसिफिक हॉस्पिटल (PIMS) के नर्सिंगकर्मी हरगोविंद पुत्र कमलेश्वर और वसीम पुत्र बाबुखान सहित दलाल निजी हॉस्पिटल में कार्यरत रेडियोग्राफर चिराग पुत्र रमेश कलाल और अन्य दलाल विकास पुत्र कैलाश जाट को गिरफ्तार किया गया है।

आईसीयू में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाकर चोरी कर रहे थे नर्सिंग कर्मी

डीएसपी राजीव जोशी ने बताया कि पेसिफिक उमरड़ा के इन दो नर्सिंग कर्मी की ड्यूटी कोविड आईसीयू वार्ड में थी। यहां कोरोना के गंभीर मरीज भर्ती होते हैं और परिजनों को वार्ड के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। जिसके चलते यहां परिजनों को भी नहीं पता रहता कि भर्ती मरीज को क्या दवा दी जा रही है और क्या नहीं।

इसी बात का फायदा उठाकर नर्सिंग कर्मी हरगोविंद और वसीम कोविड आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीज के पास इंजेक्शन लगाने के बहाने जाते। लेकिन वे उसे रेमडेसिवीर का इंजेक्शन नहीं देते और इंजेक्शन चोरी कर लेते। रिकॉर्ड में मरीज को इंजेक्शन लगा हुआ लिख देते। मरीज के फैंफड़ों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मरीज को 5 दिन में रेमडेसिवीर के 6 इंजेक्शन देना आवश्यक होता है। ये दोनों नर्सिंगकर्मी मरीज को इंजेक्शन की 3 या 4 डोज ही देते और बचे 2-3 इंजेक्शन चोरी कर लेते थे।

ये चोरी किए हुए इंजेक्शन दोनों नर्सिंग कर्मी दलाल रेडियोग्राफर चिराग और विकास को देते। दलाल गीतांजलि सहित अन्य हाॅस्पिटल के डॉक्टर्स और स्टाफ के जरिए मरीजों को ये इंजेक्शन एमआरपी से 10 से 40 गुणा कीमत में बेचते।

गीतांजलि के डॉक्टर पकड़े गए तो गिरोह का हुआ खुलासा

हिरणमगरी थानाधिकारी रामसुमेर ने बताया कि सबसे पहले गीताजंलि हॉस्पिटल का डॉक्टर अबीर खान और एमबीबीएस स्टूडेंट मोहित पाटीदार कालाबाजारी में दो दिन पहले गिरफ्तार हुए थे। इनसे पूछताछ में पता चला कि इन्हें इंजेक्शन की सप्लाई रेडियोग्राफर चिराग कर रहा था। जब पुलिस ने चिराग को पकड़ा तो उसका साथी पकड़ में आया और पता चला कि चिराग को भी ये इंजेक्शन पेसिफिक उमरड़ा हॉस्पिटल में कार्यरत नर्सिंग कर्मी सप्लाई कर रहे हैं। ये अब तक इस तरह से कोविड आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों के 92 इंजेक्शन चोरी कर चुके हैं।

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