उदयपुर,(ARLive news)। कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में जीवनदायी साबित हो रहे रेमडेसीवीर इंजेक्शन की एमआरपी से 10 से 40 गुणा ज्यादा कीमत में बेच कालाबाजारी करने वाले डॉक्टर अबीर खान और एमबीबीएस स्टूडेंट मोहित पाटीदार गीतांजलि हॉस्पिटल के निकले। अबीर खान गीतांजलि हॉस्पिटल में डॉक्टर है और मोहित पाटीदार गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एन्ड हॉस्पिटल में एमबीबीएस सेकंड ईयर स्टूडेंट है।
मामले की जांच कर रहे डीएसपी राजीव जोशी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रेमडेसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले लोगों की चेन में अन्य डॉक्टर्स भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में गीतांजलि हॉस्पिटल और आरएनटी मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टर्स से पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार 2 आरोपी डॉक्टर् और स्टूडेंट गीतांजलि हॉस्पिटल के हैं। पकड़े जाने से पहले तक ये 46 लोगों को रेमडेसीवीर इंजेक्शन एमआरपी से 10 से 40 गुणा ज्यादा कीमत में बेच चुके थे।
ये सवाल जिनका जवाब चाहते है लोग..
- क्या हॉस्पिटल की मिलीभगत भी हो सकती है..?
- क्या हॉस्पिटल के डॉक्टर्स हॉस्पिटल प्रबंधन की जानकारी के बगैर इस स्तर पर कालाबाजारी कर सकते हैं..?
- इंजेक्शन कालाबाजारी की जांच में उदयपुर के किसी निजी हॉस्पिटल प्रबंधन की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका सामने आती है तो क्या उन पर भी कोई कार्यवाही होगी..?

