उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र के सूरजगढ़ में मंदबुद्धि से हुए गैंगरेप मामले में पुलिस टीमें बदमाशों की शिनाख्त और पड़ताल में जुटी हुई हैं। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि कोई सुराग हाथ लग सके। हालां कि अभी तक पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल सकी है।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि युवति का गांव और घटनास्थल के बीच करीब 18 किलोमीटर की दूरी है। रास्ता भी पूरा कच्चा और नदी पेटे में जंगल-पहाड़ी से घिरा हुआ है। ऐसे में उस स्थान पर कोई ज्यादा आवाजाही नहीं रहती है। युवती अपने गांव में खेत के आस-पास घूम रही थी, तभी बाइक पर तीन युवक आए और खेत में काम कर रही अन्य महिला से रास्ता पूछा। मासूमियत में विमंदित (मंदबुद्धि) युवति इन युवकों को रास्ता बताने लगी। रास्ता बताने के बहाने ही इन युवकों ने युवति को उनकी बाइक पर बैठा लिया और उसे कच्चे रास्ते से होते हुए जंगल की ओर ले गए। जहां दरिंदों ने उसके साथ गैंग रेप किया।
ऐसे में पुलिस को संदेह है कि कोई बाहरी व्यक्ति तो युवति को जंगल के इतना अंदर कच्चे रास्ते पर बाइक चलाकर नहीं ले जा सकते हैं। संभावना है कि आरोपी युवक उदयपुर के आदिवासी क्षेत्र या आस-पास क्षेत्र के ही हैं, जो जंगलों, कच्चे रास्ते और पहाड़ी पर बाइक चलाने के आदि हैं।
एडिएसपी अनंत कुमार ने बताया कि बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। युवति के गांव से घटनास्थल तक रास्ते में जिन्होंने भी उन लड़कों को देखा, उनसे पूछताछ कर सुराग जुटाए जा रहे हैं। संदेह है कि बदमाश आस-पास किसी गांव या आदिवासी क्षेत्र के हों। बदमाशों तक पहुंचने के हर प्रयास किए जा रहे हैं।
न मोबाइल टावर, न कैमरे, यहां काम आएगी पुरानी-परंपरागत पुलिसिंग
गांव से लेकर जहां घटनाक्रम हुआ, वहां न तो कोई कैमरे लगे थे और क्षेत्र में मोबाइल टावर, नेटवर्क भी काम नहीं करता हैं। पुलिस को इन दंरिंदों तक पहुंचने के लिए किसी प्रकार की तकनीकी सहयोग तो नहीं मिल पा रहा। ऐसे में पुलिस मामले के खुलासे में पुरानी-परम्परागत पुलिसिंग पर फोकस कर रही है।
भाषा-बोली से भी आदिवासी क्षेत्र के लग रहे हैं
विमंदित युवति की बहन जब खेत पर गयी, तो वहां पहले से काम कर रही महिला ने बताया कि उसकी बहन को तीन लड़के बाइक पर रास्ता बताने के बहाने ले गए हैं। इसके बाद युवति की तलाष शुरू हुई थी। रास्ते में गांव के ही एक व्यक्ति ने उन लड़कों को बाइक पर विमंदित युवति को ले जाते देखा था, लेकिन उस व्यक्ति ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
पुलिस पड़ताल में पता चला है कि तीनों बदमाष भाषा-बोली, कद-काठी से आदिवासी क्षेत्र के ही लग रहे थे। हालां कि वे उस गांव के नहीं है, जहां की युवति है। क्यों कि इन तीन लड़कों को न तो खेत पर काम कर रही महिला ने पहचाना था और न ही रास्ते में मिले ग्रामीण ने।

