उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर में जहां पिछले दिनों दो-तीन राशन डीलर भ्रष्ट आचरण के चलते पकड़े गए हैं और उनके खिलाफ मामले तक दर्ज हुए हैं, इसी बीच जिले में ही कुछ ऐसे राशन डीलर भी हैं जो अपनी शारीरिक अक्षमता को पीछे छोड़कर मानव सेवा में जुटे हुए हैं। मानव सेवा के जज्बे इतना है कि जिन दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में कोई नहीं जाता, वहां भी ये दिव्यांग राशन डीलर घर-घर राशन पहुंचा रहे हैं, ताकि कोई भूखा न रहे और किसी को बिना काम घर से बाहर न आना पड़े।
यह सभी राशन डीलर उन सभी कर्मचारियों के लिए भी एक नजीर हैं, जो कोरोनाकाल में किसी न किसी बहाने से काम पर आने से बच रहे हैं। दिव्यांग राशन डीलर्स के साथ शिक्षिकाओं का जज्बा देखते ही बनता है जो मुसीबत की इस घड़ी में अपना दुःख-दर्द भूलाकर भी जरूरतमंदों की सेवा में लगे हुए हैं।
देवदूत बने हैं भैरू, भगवान, हिम्मतराम और नरेन्द्र
लसाडि़या के कालीभीत में राशन डीलर भेरूलाल जो दिव्यांग है परंतु प्रशासन ने जिम्मेदारी दी, तो बिना किसी झिझक के घर-घर जाकर राशन उपलब्ध करा रहे हैं। उनका कहना है कि पहला मौका है जब मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा का मौका मिला है। उनके साथ स्थानीय शिक्षक अमित राठौड़ भी सेवाएं दे रहे हैं।
इसी प्रकार जिले के सुदूरवर्ती कोटड़ा के थेप व सांडमारिया क्षेत्र के राशन डीलर हिम्मतराम खैर भी दोनो पैर से दिव्यांग है लेकिन इसके बावजूद पूरी शिद्दत से अपने कार्य को पूरा करते इनका जज्बा देखते ही बनता है। हिम्मत राम बताते है कि वे दोनों क्षेत्रों के पात्र लोगों को बारी-बारी से राशन सामग्री का वितरण कर रहे है और स्थानीय लोग भी सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से उनका सहयोग कर रहे हैं।
वल्लभनगर क्षेत्र के मावली डांगियान के दिव्यांग राशन डीलर भगवान लाल डांगी भी अपनी लाठी के सहारे वाहन के साथ घर-घर पहुंच कर आपदा की इस स्थिति में ग्रामीणों के मसीहा बने हुए है। इसी प्रकार राशन वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नियुक्त सरकारी कार्मिकों में भी एक दिव्यांग शिक्षक नरेन्द्र सिंह इन दिनों उदयपुर शहर के वार्ड संख्या 6 में राशन डीलर मनमोहन सरनोद के साथ सेवाएं दे रहे है वे बताते है कि हर पात्र व्यक्ति को राशन मिलें इसके लिए वह राशन डिलर के साथ सेवा देकर संतुष्टि का अनुभव हो रहा है ।

