नई दिल्ली,(ARLive news)। आने वाले दिनों में तेल दामों में भारी कमी आ सकती है। अंतर्ररष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव आज 31% तक लुढ़क गए। इसका कारण सऊदी अरब द्वारा कीमतों में कटौती करना था। सउदी ने रूस से ‘बदला’ लेते हुए दाम घटा दिए क्योंकि रूस ने उत्पादन घटाने की उसकी बात नहीं मानी। इससे प्राइस वॉर छिड़ गया है। भारत को इससे जल्द फायदा मिल सकता है। अगर 30 पर्सेंट तक की गिरावट के लिहाज से देखें और मान लें इंपोर्ट बिल घटने से होने वाली पूरी बचत ग्राहकों तक पहुंच जाती है तो घरेलू बाजार में पेट्रोल के दाम 50 रुपये के करीब पहुंच सकते हैं। आज देशभर में पेट्रोल के दाम 70 रुपये के आसपास हैं।
तेल की दुनिया में इस हलचल से आपकी जेब में खर्च के लिए ज्यादा पैसा बच सकता है। पेट्रोल आपको 50 रुपये के दाम पर मिल सकता है। सरकार का इंपोर्ट बिल घटेगा और अगला क्रूड बास्केट भी सरकार को सस्ते भाव पर मिलने की संभावनाएं बन रही हैं। भारत के क्रूड बास्केट की कीमत फिलहाल 47.92 डॉलर प्रति बैरल है। (एक बैरल 42 यूएस गैलन के बराबर होता है या 159 लीटर के बराबर) है। यानी भारत को मौजूदा दाम पर एक क्रूड बास्केट के लिए 3530.09 रुपये खर्च करने होते हैं। ऐसे में क्रूड अगर 30 पर्सेंट सस्ता हो गया है तो क्रूड बास्केट के भी जल्द 30 पर्सेंट तक सस्ता होने की गुंजाइश बनती है।
यानी अगला क्रूड बास्केट करीब 2470 रुपये का हो सकता है। और अगर आम आदमी को अगर पूरा फायदा पहुंचता है तो पेट्रोल इस लिहाज से भी 50 रुपये लीटर के भाव मिल सकता है। पेट्रोलियम प्लैनिंग ऐंड ऐनालिसस सेल के मुताबिक, दिसंबर 2019 में क्रूड बास्केट की औसत लागत $65.52 थी।

