नई दिल्ली,(ARLive news)। प्रधानमंत्री मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ शनिवार को मुलाकात के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 7 समझौतो पर दस्तखत हुए। दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और बांग्लादेश के बीच तीन द्विपक्षीय परियोजना का उद्घाटन किया। तीनों ही प्रॉजेक्ट की लॉन्चिंग विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुझे खुशी है कि भारत और बांग्लादेश के बीच 3 और योजनाओं का उद्घाटन करने का मौका मिला। हमने एक साल के अंदर 12 संयुक्त प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। यह हमारी मित्रता के आधार पर आधारित है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में मुख्य रूप से सहयोग के क्षेत्रों को विस्तार देने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष रक्षा, सुरक्षा, कारोबार और सम्पर्क जैसे क्षेत्रों में संबंधों को मजबूती प्रदान करना चाहते हैं।
तीस्ता नदी के जल बंटवारे का मुद्दा शामिल है
इससे पहले बांग्लादेश और भारत के बीच वार्ता को लेकर शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रवीश कुमार ने कहा कि इस द्विपक्षीय वार्ता में आवगमन, एक दूसरे से संपर्क, क्षमता का निर्माण और विकास के साथ-साथ संस्कृतिक क्षेत्रों से संबंधित विषयों को लेकर समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे।
दोनों देशों के बीच काफी लंबे समय से नदियों से संबंधित विवाद लंबित हैं, जिसमें खास तौर पर तीस्ता नदी के जल बंटवारे का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रोहिग्यों प्रवासियों की एक बड़ी समस्या है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच इन मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ अपसी संबंधों को नई ऊंचाई देने पर भी चर्चा होने की।
इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से आई एक खबर के अनुसार शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेस को एनआरसी से कोई समस्या नहीं है और न ही बांग्लादेश को इससे चिंतित नहीं होना चाहिए, क्योंकि पीएम मोदी से मेरी बात हो चुकी है। सब ठीक है। बांग्लादेश की शेख हसीना वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की इंडिया इकोनॉमिक समिट में हिस्सा लेने भारत आई हैं। यूएनजीए के अधिवेशन के दौरान मोदी की बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना से हुई थी। तब हसीना ने एनआरसी का मुद्दा उठाया था और चिंता जाहिर की थी। इसपर पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भारत-बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध हैं। ऐसे में बांग्लादेश को एनआरसी से चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

