ट्यूनीसिया,(ARLive news)। ट्यूनीसिया के तट पर भूमध्य सागर में प्रवासियों से भरी एक नाव पलटने से उसमें सवार अधिकतर लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों की संख्या कम से कम 65 बताई जा रही है। इस बात की जानकारी संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) द्वारा दी गई है। यूएनएचसीआर ने एक बयान जारी कर कहा कि नाव डूबने के बाद 16 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला गया है। यह बेहद ही भयानक हादसा है।
मेडिटेरेनियन में यूएनएचसीआर के विशेष दूत विन्सेंट कोकेटल का कहना है, यह उन लोगों के लिए एक दुखद और भयानक बात है जो अभी भी भूमध्य सागर पार करने का प्रयास करते हैं। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने ट्वीट कर कहा, अभी तक केवल चार शव बरामद किए गए हैं और जांच अभियान जारी है।
ट्यूनीसिया की समाचार एजेंसी का कहना है कि नाव में करीब 70 शरणार्थी और प्रवासी मौजूद थे। मछली पकड़ने वाली नाव से जिंदा बच पाए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। आईओएम का कहना है कि ये नाव लीबिया से आ रही थी, जहां प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच एक बार फिर से राजधानी त्रिपोली में भयानक युद्ध शुरू हो गया है। वहीं आईओएम का ये भी कहना है कि नाम में बांग्लादेशी, मोरक्को और अन्य देशों के लोग भी सवार थे।
भूमध्य सागर दुनिया का सबसे घातक समुद्री क्रॉसिंग
लीबिया का पश्चिमी तट शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए प्रस्थान का मुख्य स्थान है। जो समुद्र के रास्ते यूरोप पहुंचने की उम्मीद करते हैं। इस हादसे पर यूएनएचसीआर का कहना है कि इसपर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है। अगर जल्द ही ऐसा नहीं किया गया, तो आने वाले हफ्तों और महीनों में ऐसे कई और हादसों को देखना पड़ सकता है। यूएनएचसीआर के अनुसार भूमध्य सागर दुनिया का सबसे घातक समुद्री क्रॉसिंग है, बीते साल लीबिया से यूरोप जा रहे 14 लोगों की भी ऐसे ही मौत हो गई थी। जनवरी में जारी हुई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 में हर दिन भूमध्य सागर को पार करने को दौरान छह प्रवासी और शरणार्थियों की मौत हुई है।

