प्रियंका गांधी सबसे पहले संगम क्षेत्र स्थित बड़े हनुमान मंदिर पहुंची और वहां हनुमान जी का दर्शन कर उनकी आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने किला स्थित अक्षयवट और सरस्वती कूप का दर्शन किया फिर संगम पहुंचीं। संगम में त्रिवेणी की आरती उतार कर उन्होंने मां गंगा का आशीष लिया और वहां से नाव पर बैठकर गंगा के पास अरैल गईं। अरैल में कार से वह करछना के मनैया घाट पहुंची।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी बोट यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में दुमदुमा घाट को चुना। यहां पर उन्होंने एक सभा को संबोधित किया और आम लोगों से सीधे संवाद किया। प्रियंका ने यहां से मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में किसानों को काफी समस्या हुई है, आज देश में बेरोजगार घूम रहे हैं। किसानों की मदद के लिए कोई सामने नहीं आ रहा है। प्रियंका ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने उद्योगपति दोस्तों को हजारों-करोड़ रुपये दे दिए। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता किशोर ने बताया कि स्टीमर से प्रियंका दुमदुमा, सिरसा, लाक्षागृह, महेवा, कौंधियारा में स्थानीय लोगों से मिलेंगी।
दौरे के पहले दिन प्रियंका पुलवामा के शहीद महेश यादव के परिजनों से मिलने मेजा स्थित बदल का पुरवा गांव जाएंगी। प्रियंका सीतामढ़ी में रात्रि विश्राम करेंगी। संगम में त्रिवेणी की आरती उतार कर प्रियंका ने मां गंगा का आशीष लिया और वहां से नाव पर बैठकर गंगा के पास अरैल गईं। अरैल में कार से वह करछना के मनैया घाट पहुंची। वहां से उन्होंने मोटरबोट में सवार होकर गंगा शुरू कर दी
आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा है- प्रियंका गांधी
दुमदुमा घाट पहुंची प्रियंका गांधी ने युवाओं, किसानों से उनका हाल पूछा। गंगा घाट पर ही लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं और किसानों को कुछ नहीं मिला। सरकार सिर्फ उद्योगपतियों का ही ध्यान दे रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार किसानों का दुख दर्द सुनने को तैयार नहीं है। पिछले 45 सालों के बीच बीतें पांच साल में युवाओं को सबसे कम रोजगार मिला है। गांव में मनरेगा की हालत खस्ता है। छह महीने से मनरेगा मजदूरों को पैसा नहीं मिला। अब तो सरकार किसी की बात सुनने को ही तैयार नहीं है। जिसने भी आवाज उठाई उसे डराया जाता है।
