पुलिस ने बताया कि अंबामाता स्कीम निवासी ललित प्रकाश पालीवाल (63) और इनकी बेटी कृतिका (20) की फांसी लगाने से मौत हुई है। दोनों ने घर के कमरे में छत पर लगे कड़े में साड़ी बांध दोनों छोर से अलग-अलग फंदा बना फांसी लगाकर जान दी है। ललित प्रकाश तीन साल पहले पीएचईडी विभाग से सेवानिवृत हुए थे।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृति के बाद ललित प्रकाश का रामपुरा चौराहे के पास एक मकान था। ललित प्रकाश ने कुछ लोगों से रूपया उधार लिया था और यह शर्त थी कि रूपया नहीं चुका सके तो रामपुरा चौराहे वाला मकान की रजिस्ट्री रूपया देने वालों के नाम होगी। बाद में मिलीभगत कर इस मकान पर धोखे से भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया और किसी अन्य के नाम रजिस्ट्री भी करवा दी। ललित प्रकाश अपने अंबामाता स्थित पुश्तैनी मकान में रहने लगे। इसके बाद भी उन्हें आए दिन काफी ज्यादा रूपयों की जरूरत रहती थी और वे लोगों से काफी उधार भी लेते थे। रूपयों की जरूरत को लेकर वे काफी परेशान रहते थे।
ललित प्रकाश की चार बेटियां हैं, दो की शादी हो चुकी है, एक तलाकशुदा है और चौथी बेटी कृतिका थी। कृतिका स्कूल में पढ़ाती थी। रूपयों की जरूरत को लेकर रविवार सुबह से ही कृतिका की पिता ललित प्रकाश से होट-टॉक चल रही थी। इस दौरान दोपहर में ललित प्रकाश की पत्नी दूसरी बेटी के साथ मंदिर गईं। करीब आधा-पौन घंटे बाद घर लौटी तो कमरे में साड़ी के फंदे से पति और पुत्री को लटके देखा। उन्होंने शोर मचाकर आस-पड़ोसियों को बुलाया। फंदा काटकर दोनों को नीचे उतारा गया और चेक किया, दोनों की मौत हो चुकी थी।
एसआई कंवरलाल ने बताया कि ललित प्रकाश की पत्नी की ओर से जो भी रिपोर्ट दी जाएगी, उस अनुरूप आगे की कार्यवाही करेंगे। अभी तक मौके से न तो कोई सुसाइड नोट मिला है और न ही कोई रिपोर्ट आई है। पिता-पुत्री ने सुसाइड क्यों कि इसके कारणों की तफ्तीश की जा रही है।
पुलिस ने मौके की स्थिति को देखकर पुलिस ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या लगता है कि सुबह से पिता के साथ रूपयों को लेकर चल रही हॉट-टॉक से परेशान होकर पहले कृतिका ने फांसी लगाई होगी, जब ललित प्रकाश ने कृतिका को देखा तो उन्होंने ने भी उसी साड़ी के दूसरे फंदे से लटक कर जान दे दी होगी। हालां कि अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। मामले की जांच चल रही है।
