पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने इस बात को बिना किसी लाग लपेट को स्वीकार किया कि पाकिस्तान इंटेलिजेंस ने उनके कार्यकाल में भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठन जैश का इस्तेमाल किया था। एक पाकिस्तानी चैनल को दिए इंटरव्यू में परवेज मुशर्रफ ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी संगठन है। मुशर्रफ ने यह भी दावा किया कि 2003 में उन्होंने जैश पर बैन लगाने की दो बार कोशिश की थी।
जैश को बैन कर देना चाहिए। जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी संगठन है और उसने आत्मघाती हमला किया था। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे खुशी है कि इमरान सरकार उनके खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। जैश के खिलाफ कार्रवाई एक सटीक कदम है और यह कदम बहुत पहले ही उठाया जाना चाहिए था। मसूद अजहर के नतृत्व वाले जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद जैश दुनिया भर के निशाने पर है। इस हमले के बाद भारत की और से तीखी प्रतिक्रिया हुई, जिसके बाद बालाकोट में जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने का फैसला किया गया।
सोर्स: जीएनएस न्यूज एजेंसी
