दीपक पांडेय कानपुर के रहने वाले थे। क्रैश होने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। एमआइ-17 चॉपर जब क्रैश हुआ तब दीपक रूटीन पेट्रोलिंग कर रहे थे। परिवार के इस इकलौते चिराग की शहादत की खबर जैसे ही कानपुर पहुंची, घर में कोहराम मच गया।
दीपक पांडेय चकेरी क्षेत्र के मंगला विहार निवासी थे। उनके पिता राम प्रकाश पांडेय निजी नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बुधवार दोपहर करीब एक बजे रामप्रकाश पांडेय के पास श्रीनगर एयरबेस से एक फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि एमआइ-17 चॉपर क्रैश हो गया है, जिसमें उनके बेटे दीपक भी सवार थे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई है।
इकलौते बेटे के निधन की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि दीपक पांच साल पहले ही भारतीय वायु सेना का हिस्सा बने थे। इस समय उनकी तैनाती श्रीनगर एयरबेस में थी। शहादत की खबर मिलते ही शहीद दीपक पांडेय के घर लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। खबर मिलते ही प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना शहीद दीपक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

