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सरकार को भेजा है प्रस्ताव, जिम में सर्टिफाइड ट्रेनर नहीं होने पर लगे पैनल्टी : गुरूमान

जिम में मेंबर को बिना जानकारी सप्लीमेंट्स देना अपराध है।

उदयपुर,(ARlive news)। फिटनेस गुरू गुरूमान ने मिशन इंडिया फिट कैम्पेन के तहत मंगलवार को एमएलएसयू सभागार में हुई मोटीवेशनल स्पीच में फिटनेस इंडस्ट्री में काम कर रहे उन लोगों को आगाह किया जो बिना सोचे समझे मेंबर्स को सप्लीमेंट्स दे देते हैं। गुरूमान ने कहा कि मेंबर्स की जरूरत और हैल्थ चार्ट जाने बगैर जो जिम ट्रेनर मेंबर्स को बिना सोचे समझे खाने के लिए सप्लीमेंट्स पाउडर बेचते हैं वे अपराध कर रहे हैं। मेंबर की हैल्थ के साथ खिलवाड़ करना न सिर्फ उस ट्रेनर बल्कि फिटनेस इंडस्ट्री के लिए भी घातक है।

गुरूमान ने इंडस्ट्री में सर्टिफाइड ट्रेनर्स की जरूरत बताई। उन्होंने कहा इंडस्ट्री में ट्रेनर्स की कमी नहीं है, लेकिन सर्टिफाइड ट्रेनर्स की कमी है। सर्टिफाइड ट्रेनर होगा तो वह फिटनेस के बारे में जानता होगा और कभी भी अपने मेंबर के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करेगा। ऐसे में इस इंडस्ट्री में आने वाले ट्रेनर्स सर्टिफाइड हों।

गुरूमान ने बताया कि उन्होंने केन्द्र सरकार को अपने मिशन इंडिया फिट कैम्पेन के तहत यह प्रस्ताव भी भेजा है कि ऐसा नियम लागू किया जाए कि जिम के अंदर सर्टिफाइड ट्रेनर्स ही काम करें। अगर किसी जिम में सर्टिफाइड ट्रेनर नहीं है, तो उस पर पैनल्टी लगाई जाए।

अनुभवी ट्रेनर्स जो सर्टिफाइड नहीं हैं, उनके लिए गुरूमान ने रास्ता बताया कि वे सरकार की वेबसाइट आरपीएल पर खुद को रजिस्टर्ड कर और टेस्ट पास कर सर्टिफाइड हो सकते हैं। टेस्ट पास करने के लिए उन्हें हैल्थ और फिटनेस के बारे में पढ़ना होगा। 3800 रूपए की फीस पर ट्रेनर्स यह टेस्ट देकर सर्टिफाइड हो सकते हैं और बीपीएल वर्ग के युवाओं के लिए यह सर्टिफिकेट निशुल्क है। यह कार्यक्रम आरनोल्ड फिटनेस क्लब की ओर से 18 कलर्स के प्रबंधन में हुआ।

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