सूत्रों की मानें तो 91 साल के हो चुके आडवाणी यदि किन्हीं कारणों वश चुनाव नहीं लड़ते हैं तो उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी को भाजपा गांधीनगर से चुनाव लड़ा सकती है। फिलहाल प्रतिभा आडवाणी अभी तक राजनीति से दूर रही हैं और अपने पिता लालकृष्ण आडवाणी की पूरा देख भाल करती हैं। प्रतिभा आडवाणी साये की तरह अपने पिता के साथ रहती हैं। हम बता दें यह ताजा घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है, जब एनडीए के कुछ सहयोगी भाजपा से नाराज हैं। चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी जहां एनडीए से अलग हो गई, वहीं शिवसेना और जेडीयू भी अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। उधर बीजेपी विरोधी दल राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की कोशिशों तेज़ करते दिख रहे हैं।
हम बता दें कि आडवाणी ने पिछले लोकसभा चुनाव में गुजरात की गांधीनगर सीट से जीत दर्ज की थी, हालांकि उसके बाद वह पार्टी में हाशिये पर ही हैं। आडवाणी और जोशी को भाजपा संसदीय बोर्ड में भी जगह नहीं दी गई। उन दोनों पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया गया, जिसमें उनके अलावा प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह भी शामिल हैं।
अब भाजपा अपने सांसदों-विधायकों के लिए तय की गई उम्र की बंदिश को तोड़ते हुए वरिष्ठ नेताओं को पार्टी आगामी चुनावों में उतारने पर विचार कर रही है। भाजपा द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि पार्टी उम्मीदवारों की उम्र की जगह उनकी जीत की संभावनाओं को ध्यान रखेगी।
सोर्स : जीएनएस न्यूज एजेंसी
