गहलोत ने कहा कांग्रेस के साथ अन्याय और विपक्ष को शिकायत मत होने देना।
उन्होंने कहा कि आज नौजवानों को हमसे बहुत अपेक्षाएं हैं। हमें इस विधानसभा में सड़क, बिजली, आधारभूत सुविधाओं के विकास जैसे मुद्दों के साथ ही नौजवानों की अपेक्षाओं पर भी खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए तकनीक तथा नवाचारों का ध्यान रखते हुए नियम-कानून बनाएं। हर नौजवान का सपना है कि उसे रोजगार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि शहरों तथा गांव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान रूप से अवसर मिलने चाहिए और गांव तथा शहर के बीच के शिक्षा के अन्तर को पाटना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
15 जनवरी से शुरू हुई राजस्थान विधानसभा के सत्र का कामकाज कम से कम 22 जनवरी तक चलेगा। 17 जनवरी को विधानसभा में राज्यपाल कल्याण सिंह का अभिभाषण होगा और उसके बाद सदन के औपचारिक कामकाज की शुरुआत भी होगी। इस दिन पूर्व में दिवंगत हुए राजनेता और विशिष्ट व्यक्तियों के लिए शोकाभिव्यक्ति की जाएगी। इसके अगले दिन यानि 18 जनवरी से सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद सदन में आगे की कार्यवाही शुरू होगी। 23 जनवरी को ही राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से सदन में जवाब पेश किया जाएगा। हालांकि इस बीच 19 और 20 जनवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
” सदन में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने डॉ. जोशी को बधाई देते हुए कहा, विधानसभा का सर्वोच्च पद पर आसीन होने की बधाई, विपक्ष के प्रति अध्यक्ष का सहयोग रहे. बता दें कि डॉ. सीपी जोशी की छवि तेजतर्रार नेता की है. उन्हें संसदीय मामलों की गहरी समझ है. डॉ. जोशी सदन में बेहतरीन वक्ता रहे हैं. पक्ष विपक्ष में विधानसभा में उनके तर्क अकाट्य रहे हैं. अब सीपी जोशी के सामने विधानसभा को चलाने की नई जिम्मेदारी होगी”.
