यह सूचना आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अन्य रेजीडेंट डॉक्टर्स में जैसे ही फैली, सभी विरोध पर उतर आए। रेजीडेंट्स ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और हड़ताल की चेतावनी दी। इधर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप के निर्देश पर पुलिस अब सख्त रवैया अपनाने को तैयार है। पुलिस का कहना है कि रेजीडेंट डॉक्टर गलत मांगे हड़ताल के जरिए मनमाने का प्रयास करेंगे तो उन पर मुकदमें दर्ज होंगे।
गौरतलब है कि 14 सितंबर को हास्पिटल गेट के बाहर सड़क पर ट्रैफिक पुलिस की रूटीन चेकिंग में रोकने के पर रूकने के बजाए गाली देकर वहां से निकले रेजीडेंट ने पुलिसकर्मी से हॉस्पिटल परिसर में मारपीट की थी और वर्दी फाड़ी थी। ट्रेफिक एएसआई मिसरी लाल ने दो रेजीडेंट डॉक्टर सांचोर निवासी दीपाराम और लक्ष्मणगढ़ निवासी सुरेन्द सिंह के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करवाया था।
रेजीडेंट जब एएसआई के साथ मारपीट कर वर्दी फाड़ रहा था, तब वहीं मौजूद कुछ लोगों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया था। घटना के बाद पहले तो रेजीडेंट्स ने पुलिसकर्मियोें पर मारपीट का आरोप लगाया, लेकिन जैसे ही यह वीडियो वायरल हो गया तो रेजीडेंट्स डॉक्टर्स की सच्चाई सामने आ गई और इनमें भी दो गुट बंट गए थे। बाद में रेजीडेंट ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए हड़ताल शुरू कर दी थी और उल्टा एएसआई पर कार्यवाही और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की थी। राजनीतिक दबाव के चलते उस समय तो पुलिस ने मामला शांत कर दिया था। लेकिन सोमवार को पुलिस ने आरोपी दोनों रेजीडेंट डॉक्टर्स को गिरफ्तार कर लिया।
