जयपुर,एआर लाइव न्यूज। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य और फरार गैंगस्टर हरिचन्द जाट उर्फ हरि बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एटीएस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के लगातार प्रयासों के बाद अमेरिकी एजेंसी ICE ने उसे डिटेन किया। अब आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। | lawrence bishnoi gangster Hari Boxer detained in USA
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में राजस्थान एजीटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई।
हथियार सप्लाई और रंगदारी में थी भूमिका
पुलिस के अनुसार, हरि बॉक्सर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय सदस्य है। वह गिरोह के लिए हथियारों की सप्लाई करने और विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता था। उस पर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में रंगदारी की धमकियां देने तथा फायरिंग और हत्या के प्रयास जैसी वारदातों में शामिल होने का आरोप है।
आरोपी के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध सहित 22 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। अप्रैल 2023 में वह अपने पासपोर्ट के जरिए भारत से विदेश फरार हो गया था। मुंबई में बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने की पोस्ट से भी उसका नाम सामने आया था।
इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस से मिली कार्रवाई में मदद
राजस्थान पुलिस ने सीबीआई और इंटरपोल के माध्यम से करीब पांच देशों को 14 बार रेफरेंस भेजे। आरोपी के खिलाफ 14 नवंबर 2024 को इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया था। इसके अलावा प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट, अपडेटेड ब्रीफ डोजियर और फिंगरप्रिंट भी अमेरिकी एजेंसियों को भेजे गए।
पुलिस के अनुसार, हरि बॉक्सर पहले दुबई, फिर डोमिनिकन रिपब्लिक और गुयाना पहुंचा। इसके बाद मैक्सिको बॉर्डर के रास्ते अमेरिका में दाखिल होकर कैलिफोर्निया में रहने लगा। एजीटीएफ की टीम लगातार उसकी लोकेशन और विदेशी मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी कर रही थी।
डीआईजी योगेश यादव के सुपरविजन में गठित विशेष टीम और एजीटीएफ की इंटरपोल एवं तकनीकी शाखा के समन्वित प्रयासों से अमेरिकी एजेंसी ICE ने उसे हिरासत में लिया। राजस्थान पुलिस के अनुसार, आरोपी को भारत लाने के लिए आगे की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया जारी है।

