Site iconSite icon AR Live News

रावण दहन: गांधी ग्राउंड में 100 फीट लंबी लंका भी जली

udaipur-ravan-dahan-2026-gandhi-groundudaipur-ravan-dahan-2026-gandhi-ground

उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। उदयपुर में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के गांधी ग्राउंड में विजयादशमी का मुख्य आयोजन हुआ, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान 100 फीट लंबी लंका भी जलाई गई। भगवान श्रीराम के जयकारों और आतिशबाजी के बीच हुए इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग गांधी ग्राउंड पहुंचे। | ravan dahan udaipur 2026वीडियो में देखें लंका और रावण पुतला दहन:-

https://arlivenews.com/wp-content/uploads/2026/10/udaipur-ravan-dahan-2026-gandhi-ground.mp4

बिलोचिस्तान पंचायत और सनातन धर्म सेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले 100 फीट लंबी लंका का दहन किया गया। इसके बाद 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन हुआ। पुतला दहन के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। | ravan dahan udaipur 2026

गांधी ग्राउंड में पुतला दहन से पहले शहर के शक्तिनगर से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी ग्राउंड पहुंची। इसमें शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। गांधी ग्राउंड पहुंचने के बाद पूजन किया गया और फिर भगवान श्रीराम के जयकारों तथा आतिशबाजी के बीच पुतलों का दहन हुआ।

विजयादशमी के आयोजन से कुछ घंटे पहले उदयपुर में हुई बारिश ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी थी। बारिश शुरू होते ही गांधी ग्राउंड में मौजूद आयोजन समिति के सदस्य लंका और पुतलों को भीगने से बचाने के प्रयास में जुट गए। हालांकि, कुछ ही देर में बारिश रुकने से आयोजकों ने राहत की सांस ली और कार्यक्रम निर्धारित रूप से संपन्न हुआ।

उदयपुर में विजयादशमी पर होने वाला रावण दहन अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। शाम ढलने लगती है, गांधी ग्राउंड की ओर जाने वाले रास्तों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

आसमान में आतिशबाजी की चमक, वातावरण में गूंजते जय श्रीराम के जयकारे और सामने खड़े रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के विशाल पुतले… विजयादशमी की शाम उदयपुर का गांधी ग्राउंड कुछ इसी नजारे के साथ उत्सव के रंग में रंग जाता है। जैसे ही पुतलों के दहन का क्षण आता है, हजारों निगाहें एक साथ उस ओर टिक जाती हैं। फिर उठती आग की लपटों के साथ पूरा मैदान जयकारों से गूंज उठता है।

शक्तिनगर से निकलने वाली शोभायात्रा और गांधी ग्राउंड में होने वाला मुख्य कार्यक्रम शहर की धार्मिक परंपराओं और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के जयकारे, आकर्षक झांकियां और आतिशबाजी दशहरे के उत्साह को और बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि उदयपुर का रावण दहन कार्यक्रम शहर के साथ आसपास के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।

इस आयोजन की खासियत केवल विशाल पुतले और आतिशबाजी नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी भी है। परिवारों के साथ पहुंचे लोग, बच्चों का उत्साह और उत्सव को अपने कैमरों में कैद करते लोग गांधी ग्राउंड के माहौल को जीवंत बना देते हैं। विजयादशमी का यह दृश्य बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को उत्सव के रूप में सामने लाता है।

यहां रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अच्छाई की बुराई पर जीत के संदेश को महसूस करने का अवसर भी है। बिलोचिस्तान पंचायत और सनातन धर्म सेवा समिति की ओर से गांधी ग्राउंड में आयोजित होने वाला रावण दहन अपनी भव्यता के लिए भी जाना जाता है।

गांधी ग्राउंड के अलावा उदयपुर के अन्य क्षेत्रों में भी विजयादशमी पर रावण दहन के आयोजन हुए। हिरणमगरी उपनगरीय क्षेत्र, मल्लातलाई स्थित सुभाष चौराहे और पिछोला झील के किनारे पंच देवरिया संकट हनुमान मंदिर में भी रावण के पुतले का दहन देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

विजयादशमी के साथ ही उदयपुर शहर के अधिकांश गरबा पांडालों में गरबा की धूम थम गई। झीलों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अधिकांश गरबा मंडलों ने इस बार भी देवी प्रतिमाओं का सांकेतिक विसर्जन किया। इस तरह शहर में नवरात्र और विजयादशमी के आयोजनों का समापन हुआ।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (7073401584 – 9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

Exit mobile version