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एक माह तक जिंदगी की जंग, गीतांजलि हॉस्पिटल में 16 वर्षीय बालिका को मिला नया जीवन

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उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। गीतांजलि हॉस्पिटल में दुर्लभ और जानलेवा एंटी-NMDA रिसेप्टर एन्सेफलाइटिस से पीड़ित 16 वर्षीय बालिका का सफल उपचार किया गया। न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनीस जुकरवाला के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने जटिल स्थिति में उन्नत उपचार के जरिए मरीज को स्वस्थ किया। | Anti-NMDA receptor encephalitis treatment

बालिका करीब एक माह तक अनियंत्रित मिर्गी के दौरों, गंभीर असामान्य शारीरिक गतिविधियों और बेहोशी की स्थिति से जूझती रही। कई उपचारों के बावजूद सुधार नहीं होने पर उसे गीतांजलि हॉस्पिटल में दोबारा जांच के लिए लाया गया। यहां CSF परीक्षण के जरिए एंटी-NMDA रिसेप्टर एन्सेफलाइटिस की पुष्टि हुई।

रिटुक्सिमैब और अन्य उपचारों से अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के बाद चिकित्सकीय टीम ने बोर्टेजोमिब थेरेपी शुरू की। करीब दो सप्ताह के भीतर मरीज को होश आ गया। मिर्गी के दौरे बंद हो गए और असामान्य शारीरिक गतिविधियां भी समाप्त हो गईं। इसके बाद मरीज को वेंटिलेटर से हटाया गया और ट्रेकियोस्टॉमी भी बंद कर दी गई।

छह माह के फॉलोअप में मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट चुकी है। डॉ. जुकरवाला ने बताया कि यह मामला सटीक निदान, लगातार चिकित्सकीय पुनर्मूल्यांकन और जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में समय पर उन्नत उपचार के महत्व को दर्शाता है। | Anti-NMDA receptor encephalitis treatment

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