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मानसून 2-3 दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों से विदा हो सकता है

Rajasthan Monsoon Withdrawal 2026 IMD says southwest monsoon may retreat from more parts of Rajasthan in the next 2-3 daysRajasthan Monsoon Withdrawal 2026 IMD says southwest monsoon may retreat from more parts of Rajasthan in the next 2-3 days

उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब राजस्थान के कुछ और हिस्सों से विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली के शेष हिस्सों, सौराष्ट्र-कच्छ और उत्तर भारत के कुछ अन्य क्षेत्रों से भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा वर्तमान में जैसलमेर, नागौर, सीकर, रोहतक, पटियाला, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। आने वाले 2-3 दिनों में मानसून के राजस्थान के कुछ और हिस्सों से वापस लौटने के लिए मौसम संबंधी परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 2-3 दिनों के दौरान मानसून के पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के शेष भागों के साथ-साथ सौराष्ट्र एवं कच्छ, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से भी आगे लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

इस बीच पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब (Depression) बना हुआ है। यह पिछले छह घंटों के दौरान करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST पर यह सिस्टम अक्षांश 17.9°N और देशांतर 86.0°E के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से करीब 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापत्तनम से करीब 290 किलोमीटर पूर्व में स्थित था।

मौसम विभाग के अनुसार, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान डीप डिप्रेशन (Deep Depression) में तब्दील होने की बहुत संभावना है।

पूर्वानुमान के अनुसार, यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर 2026 के शुरुआती घंटों के दौरान विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार कर सकती है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

ट्रफ की स्थिति भी महत्वपूर्ण

मौसम विभाग के अनुसार, एक ट्रफ माध्य समुद्र तल से करीब 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच फैली हुई है। यह कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश से होते हुए दक्षिण-पूर्व अरब सागर से पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने अवदाब से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक विस्तृत है।

इसके अलावा, जम्मू और आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। पश्चिमी विक्षोभ अब मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में देखा जा रहा है, जो लगभग 28° उत्तर अक्षांश के उत्तर में 78° पूर्व देशांतर के साथ गुजर रहा है।

राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी का अर्थ है कि राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने की स्थिति में है। हालांकि, किसी क्षेत्र में मानसून की वापसी और स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव के कारण अलग हो सकती है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (7073401584 – 9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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