Site iconSite icon AR Live News

सामर का सपना चकनाचूर, मेयर की कुर्सी से हुए दूर: भट्ट को भी लगा झटका

Udaipur Mayor Election 2026 BJP selects Paras Singhvi for mayor, dealing a setback to contenders Pramod Samar and Dinesh BhattUdaipur Mayor Election 2026 BJP selects Paras Singhvi for mayor, dealing a setback to contenders Pramod Samar and Dinesh Bhatt

देवेंद्र शर्मा,उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर नगर निगम में मेयर पद को लेकर चल रही अटकलों पर बुधवार को विराम लग गया। भाजपा ने पार्षद पारस सिंघवी को मेयर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही मेयर पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट की उम्मीदों को झटका लगा है। | Udaipur Mayor Election 2026 | Udaipur Nagar Nigam Mayor

नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा के भीतर मेयर पद को लेकर तीन प्रमुख नामों पर चर्चा चल रही थी। प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट और पारस सिंघवी को प्रमुख दावेदारों के रूप में देखा जा रहा था। पार्षद चुनाव परिणाम के बाद सामर और भट्ट का दावा मजबूत माना जा रहा था, लेकिन बुधवार को पार्टी के भीतर बने नए समीकरणों में पारस सिंघवी के नाम पर सहमति बन गई। | Udaipur Mayor Election 2026

पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार मंगलवार और बुधवार को मेयर पद को लेकर भाजपा के नेताओं और पार्षदों के बीच लगातार चर्चा हुई। इस दौरान प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट के बीच भी सहमति बनी थी कि दोनों में से किसी एक को मेयर पद का अवसर मिलता है तो दूसरा उसे स्वीकार करेगा।

हालांकि बुधवार दोपहर भाजपा के शहर जिला और प्रदेश स्तर के नेताओं के बीच बनी सहमति के बाद पारस सिंघवी का नाम आगे आया। इसके साथ ही मेयर पद की दौड़ का समीकरण पूरी तरह बदल गया। बुधवार दोपहर में भाजपा शहर जिला और प्रदेश नेताओं के बीच बनी एकमत राय से पारस सिंघवी ने हारी हुई बाजी पलट दी। इससे प्रमोद सामर का सपना चकनाचूर होने के साथ ही दिनेश भट्ट को भी झटका लगा है। हालांकि भट्ट के सामने अब डिप्टी मेयर की एक उम्मीद और बाकी है। | Udaipur Mayor 2026

अब सवाल यह रह गया है कि क्या प्रमोद सामर ने सिर्फ पार्षद बनने के लिए चुनाव लड़ा ?। क्योंकि यह बात तो साफ हो गई है कि जब मेयर का पद जैन समाज के व्यक्ति पारस सिंघवी को दिया है तो डिप्टी मेयर भी जैन समाज के व्यक्ति को मिलना मुश्किल होगा। ऐसे में सामर अब एक पार्षद मात्र बनकर रह जाएंगे। हालांकि यह बात अलग है कि आने वाले समय में निगम बोर्ड में समितियों का गठन होगा उसमें सामर को महत्वपूर्ण समिति मिलनी तय है। फिर भी सामर का मेयर बनने का सपना तो अधूरा ही रह गया। सामर पार्षद तो पहले भी रह चुके थे, ऐसे में इस बार उनकी नजरें सिर्फ और सिर्फ मेयर पद पर ही थी।

गुलाबचंद कटारिया वैसे संवैधानिक पद पर है, लेकिन उनकी नजरें नगर निगम चुनाव पर टिकी हुई थी। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। अब जब बात मेयर पद को लेकर आयी तो मेयर पद के लिए कटारिया का सबसे ज्यादा झुकाव दिनेश भट्ट की तरफ था, लेकिन बुधवार को बने समीकरणों और भाजपा पार्षदों में से मेयर पद का प्रत्याशी तय होने के साथ ही साफ हो गया है कि इस पद को लेकर पंजाब वालों का झुकाव भी काम नहीं आया। कटारिया बुधवार देर शाम उदयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

यह भी पढ़े: पार्षद टिकट वितरण में पंजाब वालों की कितनी चली ?

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (7073401584 – 9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

Exit mobile version