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रिश्वत की पेशकश पर मेडिकल कॉलेज के ट्रस्टी और फैकल्टी के खिलाफ CBI में FIR दर्ज

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नई दिल्ली,एआर लाइव न्यूज। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुजरात के जूनागढ़ स्थित नोबेल आयुर्वेदिक कॉलेज के 13 शिक्षकों के सत्यापन से जुड़े मामले में कथित रूप से 10 लाख रुपये की रिश्वत की पेशकश करने के आरोप में कॉलेज के ट्रस्टी प्रतीक मोरी और फैकल्टी सदस्य डॉ. अभय नलावडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। | CBI FIR Noble Ayurved College Trustee and faculty in bribery

CBI के अनुसार, मामला उन 13 शिक्षकों के सत्यापन से जुड़ा है, जिनके बारे में संदेह था कि वे केवल कागजों में मौजूद हो सकते हैं। आरोप है कि शिक्षकों के नामों को मंजूरी दिलाने और उनके पक्ष में सकारात्मक रिपोर्ट देने के लिए राष्ट्रीय आयोग की हियरिंग कमेटी सदस्य को रिश्वत देने की पेशकश की गई।

मामले में शिकायतकर्ता डॉ. रुपाली आर. महादिक, प्रबुद्ध आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ की प्रिंसिपल हैं और उन्हें नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM), दिल्ली द्वारा हियरिंग कमेटी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

शिकायत के अनुसार, उन्हें जूनागढ़ के नोबेल आयुर्वेदिक कॉलेज के 13 शिक्षकों के सत्यापन का कार्य सौंपा गया था। इन शिक्षकों के केवल दस्तावेजों में मौजूद होने की आशंका जताई गई थी।

आरोप है कि 18 अगस्त 2026 को डॉ. रुपाली महादिक को डॉ. अभय नलावडे का व्हाट्सऐप कॉल आया, जिसमें कथित तौर पर शिक्षकों के पक्ष में सकारात्मक रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की पेशकश की गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 अगस्त को भी डॉ. अभय नलावडे की ओर से कई व्हाट्सऐप कॉल किए गए और कथित रिश्वत प्रस्ताव को दोहराया गया।

इसके बाद 20 अगस्त को हुई एक अन्य बातचीत में कथित तौर पर कॉलेज के ट्रस्टी प्रतीक मोरी ने भी शिकायतकर्ता से बात की। आरोप है कि सभी 13 शिक्षकों के नामों को मंजूरी दिलाने के लिए सकारात्मक रिपोर्ट देने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत देने का वादा किया गया।

CBI के अनुसार, शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम स्वीकार नहीं करना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने 21 अगस्त 2026 को CBI, एंटी करप्शन ब्रांच, दिल्ली के एसपी को हस्तलिखित शिकायत देकर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी MARBISM (Medical Assessment and Rating Board for Indian System of Medicine) के अध्यक्ष डॉ. मुकुल पटेल को भी दी थी।

इसके बाद सीबीआई ने शिकायतकर्ता से संबंधित व्यक्ति के संपर्क में बने रहने को कहा गया, ताकि कथित रिश्वत पेशकश से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें।

CBI द्वारा की गई गोपनीय जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि नोबेल आयुर्वेदिक कॉलेज, जूनागढ़ के ट्रस्टी प्रतीक मोरी और फैकल्टी सदस्य डॉ. अभय नलावडे ने कथित तौर पर 13 शिक्षकों के नाम क्लियर कराने के लिए शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की। गोपनीय सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि कथित रिश्वत राशि 22 अगस्त 2026 को दिल्ली में देने का वादा किया गया था।

इन तथ्यों के आधार पर CBI ने प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 8, जिसे वर्ष 2018 में संशोधित किया गया था, के तहत मामला दर्ज किया है।

CBI ने इस मामले में प्रतीक मोरी और डॉ. अभय नलावडे के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच CBI, एंटी करप्शन ब्रांच, दिल्ली के इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह यादव को सौंपी गई है।

अब CBI कथित रिश्वत पेशकश, व्हाट्सऐप कॉल और बातचीत से जुड़े साक्ष्यों के साथ-साथ 13 शिक्षकों के सत्यापन और कॉलेज से संबंधित अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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