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खामोश हुई सुनैना की दहाड़: सज्जनगढ़ लॉयन सफारी की शेरनी की मौत, अकेला हुआ सम्राट

Udaipur Sajjangarh Lion Safari Lioness Sunaina DeathUdaipur Sajjangarh Lion Safari Lioness Sunaina Death

उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। उदयपुर सज्जनगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में छह माह पहले शुरू हुई लॉयन सफारी की शेरनी (एशियाटिक लॉयनेस) सुनैना की मौत हो गई। करीब 5.5 वर्ष की सुनैना मई 2026 से बीमार थी। उसे चिचड़ (Ticks/किलनी) से होने वाली गंभीर बैक्टीरियल बीमारी (Ehrlichia) हुई थी। वन विभाग और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था।

वह बीमारी से रिकवर कर रही थी, चिकित्सक उसे दिन-रात बचाने में लगे थे, लेकिन आखिरकार रविवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। प्रथमदृष्टया उसकी मौत कार्डियक अरेस्ट से होना सामने आया है। बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण वह बेहद कमजोर हो गयी थी। | Udaipur Sajjangarh Lion Safari Lioness Sunaina Death

सुनैना की मौत के बाद सज्जनगढ़ लॉयन सफारी में अब शेर सम्राट अकेला रह गया है। इस साल 16 फरवरी 2026 को शुरू हुई सज्जनगढ़ लॉयन सफारी के लिए भी यह बड़ा झटका माना जा रहा है। लॉयन सफारी के उद्घाटन के समय यहां शेर सम्राट और शेरनी सुनैना का जोड़ा छोड़ा गया था।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सुनैना को वर्ष 2024 में जूनागढ़ के Zoo से सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया था। करीब डेढ़ से पौने दो वर्ष तक वह बायोलॉजिकल पार्क में रही। इसके बाद 16 फरवरी 2026 को सज्जनगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में लॉयन सफारी शुरू होने पर सुनैना और शेर सम्राट की जोड़ी को सफारी क्षेत्र में छोड़ा गया था।

सफारी शुरू होने के बाद दोनों वन्यजीव पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए थे। सुनैना की मौत से अब सफारी में सम्राट ही एकमात्र शेर बचा है।

जानकारी के अनुसार सुनैना को टिक्स से होने वाली गंभीर बैक्टीरियल बीमारी (Ehrlichia) हुई थी। । सज्जनगढ़ लॉयन सफारी बड़े और खुले अभयारण्य क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में पूरे क्षेत्र में टिक नियंत्रण करना वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण है।

बायोलॉजिकल पार्क और चिड़ियाघर जैसे सीमित क्षेत्रों में वन्यजीवों की नियमित निगरानी, उपचार और परजीवी नियंत्रण अपेक्षाकृत आसान होता है। वहीं खुले जंगल और बड़े सफारी क्षेत्र में वन्यजीवों का अलग-अलग प्रकार के टिक और उनसे होने वाले संक्रमणों के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है।

सुनैना की मौत के बाद अब यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या लंबे समय तक बायोलॉजिकल पार्क के नियंत्रित वातावरण (जहां टिक्स कंट्रोल का कार्य नियमित होता है) में रहने वाली शेरनी को बड़े खुले सफारी क्षेत्र में स्थानांतरित करना उचित निर्णय था? क्यों कि सुनैना जन्म से जू में रही, तो क्या उसकी इम्यूनिटी खुले जंगल के विभिन्न प्रकार के टिक्स संबंधी संक्रमणों का सामना करने के लिए तैयार थी।

सुनैना की मौत के बाद अब वन विभाग के सामने सज्जनगढ़ लॉयन सफारी में बचे शेर सम्राट के स्वास्थ्य और सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ गई है। खुले सफारी क्षेत्र में टिक्स नियंत्रण, नियमित स्वास्थ्य जांच और संक्रमण की निगरानी आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगी।

वन विभाग ने सुनैना के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया। रविवार को डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला, डॉ. महेन्द्र मेहता और डॉ. हिमांशु व्यास के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया।

पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 6 बजे वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और स्थानीय ईडीसी सदस्यों की मौजूदगी में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के निर्धारित श्मशान स्थल पर सुनैना की अंत्येष्टि की गई।

इस दौरान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उदयपुर मुकेश सैनी, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रभुलाल मीणा, सहायक उप निरीक्षक योगेश कुमार, पटवारी गिरधर सिंह राजपूत, जैविक उद्यान सज्जनगढ़ का स्टाफ और ईडीसी सदस्य मौजूद रहे।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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