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क्या कटारिया की ‘नजरें’ टिकट वितरण के बहाने मिलेंगी उनसे?

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देवेंद्र शर्मा, उदयपुर। एआर लाइव न्यूज।चुनावी मौसम के बीच पंजाब के राज्यपाल एवं मेवाड़ के दिग्गज नेता माने जाने वाले गुलाबचंद कटारिया 25 अगस्त, मंगलवार को उदयपुर पहुंचेंगे। राज्यपाल बनने के बाद कटारिया का उदयपुर आना-जाना जारी रहा है, लेकिन इस बार उनकी यात्रा का समय शहर की राजनीति के लिहाज से खास माना जा रहा है। | nagar nigam chunav udaipur | Nagar Nigam chunav 2026 Gulab Chand Kataria Udaipur visit
कटारिया 25 से 30 अगस्त तक उदयपुर प्रवास पर रहेंगे, वहीं नगर निगम के पार्षद पद के भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा और नामांकन भरने का काम भी इसी दरमियान होना है। यही वजह है कि कटारिया के इस दौरे को आगामी पार्षद चुनाव और भाजपा में टिकट वितरण की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात यह होगी कि टिकट वितरण के बहाने कटारिया की नजरें भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ सहित शहर जिला की टीम से जुड़े उन किरदारों से मिलती है या नहीं, जिनसे लंबे समय से कटारिया की नजरें दिल से मिलती नजर नहीं आयी है।

राजनीतिक गलियारों में सवाल यह भी है कि यदि इस दौरान कटारिया और शहर जिला संगठन के प्रमुख नेताओं की मुलाकात होती है, तो क्या यह महज औपचारिक मुलाकात होगी या फिर इसे आगामी नगर निगम चुनाव की सियासी परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाएगा?

यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है कि गजपाल सिंह राठौड़ के भाजपा शहर जिलाध्यक्ष बनने के बाद से ही गुलाबचंद कटारिया एवं उनके धड़े में शामिल नेताओं की गजपाल सिंह एवं उनके खेमे के नेताओं और पदाधिकारियों से दूरी नजर आयी। पिछले लंबे समय से यह भी हर किसी ने देखा है कि राज्यपाल के रूप में कटारिया के उदयपुर आने पर उनके समर्थकों ने डबोक एयरपोर्ट पर कटारिया के भव्य स्वागत का प्रायोजित कार्यक्रम रखा हो उसमें भी शहर जिला की टीम नदारद ही रही।

इसी पृष्ठभूमि में कटारिया का मौजूदा उदयपुर दौरा भाजपा की स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में इस बार कटारिया के उदयपुर पहुंचने के बाद होने वाली राजनीतिक और संगठनात्मक मुलाकातों पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजर रहेगी।

गुलाबचंद कटारिया फिलहाल संवैधानिक पद पर हैं और राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका संवैधानिक मर्यादाओं से निर्धारित होती है। वे सीधे तौर पर पार्टी की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इसके बावजूद उदयपुर की राजनीति में कटारिया का प्रभाव और उनके समर्थक नेताओं की सक्रियता चर्चा का विषय बनी रहती है।

ऐसे में उनके 25 से 30 अगस्त तक के उदयपुर प्रवास का समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। खासकर तब, जब इसी दौरान पार्षद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है और भाजपा में टिकट को लेकर दावेदारों की सक्रियता बढ़ी हुई है।।

क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कटारिया के उदयपुर प्रवास के दौरान भाजपा के शहर जिला संगठन और कटारिया खेमे के बीच दूरी कम होती दिखाई देगी? क्या टिकट वितरण के बहाने पुराने राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश होगी? या फिर दोनों पक्षों के बीच औपचारिक राजनीतिक दूरी पहले की तरह ही कायम रहेगी?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में कटारिया की मुलाकातों, भाजपा संगठन की गतिविधियों और टिकट वितरण से जुड़े घटनाक्रमों से सामने आ सकते हैं।

फिलहाल इतना तय है कि पार्षद चुनाव के टिकट वितरण से ठीक पहले गुलाबचंद कटारिया का उदयपुर प्रवास सिर्फ एक सामान्य यात्रा नहीं, बल्कि स्थानीय भाजपा की राजनीति के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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