2028 तक 70% का लक्ष्य
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। वेदांता समूह की कंपनी Hindustan Zinc Limited ने अपनी कुल बिजली खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाकर 22 प्रतिशत कर ली है। वित्त वर्ष 2026 में यह हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 तक अपनी कुल बिजली जरूरत का लगभग 70 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
राजस्थान और उत्तराखंड स्थित परिचालन में कंपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2026 में हिंदुस्तान जिंक ने 892 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन किया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 632 मिलियन यूनिट था। ग्रीन एनर्जी उत्पादन और अक्षय ऊर्जा की खरीद बढ़ने से कंपनी के ऊर्जा मिश्रण में क्लीन एनर्जी का योगदान लगातार बढ़ा है।
70 प्रतिशत लक्ष्य की दिशा में कंपनी ने सेरेंटिका रिन्यूएबल्स के साथ राउंड-द-क्लॉक अक्षय ऊर्जा आपूर्ति समझौते को 450 मेगावाट से बढ़ाकर 530 मेगावाट कर दिया है। इसके साथ ट्रांसमिशन कनेक्टिविटी को अपग्रेड करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
कंपनी सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण तकनीकों के संयोजन के जरिए चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वेस्ट हीट रिकवरी बॉयलर की क्षमता बढ़ाने और जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं जैसे उपाय भी किए जा रहे हैं।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता और जिम्मेदार कारोबार रणनीति का महत्वपूर्ण आधार है। कंपनी का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ कार्बन उत्सर्जन और परिचालन की कार्बन तीव्रता को कम करना है।
कंपनी ने स्वच्छ परिवहन और नई ऊर्जा तकनीकों पर भी जोर दिया है। राजस्थान के देबारी जिंक स्मेल्टर में 250 टन क्षमता वाली इलेक्ट्रिक क्रेन तैनात की गई है। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन और वैकल्पिक स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है।

