उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर नारायण सेवा संस्थान narayan seva sansthan के सेवा महातीर्थ बड़ी में ‘अपनों से अपनी बात भोलेनाथ के साथ’ आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित शिव कथा में दिव्यांगजन, रोगी और उनके परिजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव से शामिल हुए।
शिव कथा के दौरान प्रशांत अग्रवाल ने भगवान शिव के स्वरूप और शिव तत्व की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान शिव केवल आराधना के देव नहीं, बल्कि त्याग, करुणा, संतुलन और समभाव के प्रतीक हैं। उन्होंने शिव और शक्ति के मिलन से सृष्टि के विस्तार का प्रसंग सुनाया और शिव की सृष्टि-दृष्टि से भगवान विष्णु के प्राकट्य का वर्णन किया। इसके बाद शिव और विष्णु के संवाद तथा भगवान विष्णु से ब्रह्मा जी के प्राकट्य से जुड़े प्रसंगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया।
शिव का संदेश जीवन में उतारने की जरूरत
प्रशांत अग्रवाल ने शिव तत्व को वर्तमान जीवन से जोड़ते हुए कहा कि आज मनुष्य को बाहरी संघर्षों से अधिक अपने भीतर मौजूद विकारों पर विजय पाने की आवश्यकता है। भगवान शिव का संदेश विषम परिस्थितियों में धैर्य रखने, दूसरों के प्रति करुणा रखने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सेवा, त्याग और परोपकार की भावना से ही जीवन को सार्थक दिशा मिलती है।
दिव्यांगजनों ने साझा किए आत्मनिर्भरता के अनुभव
आयोजन में शामिल दिव्यांगजनों और रोगियों ने शिव कथा का भक्तिभाव से श्रवण किया। संस्थान की सेवाओं से लाभान्वित दिव्यांगजनों ने अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव और आत्मनिर्भरता के अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवा एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिव कथा के दौरान सेवा महातीर्थ बड़ी परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का वातावरण बना रहा। सावन के सोमवार और नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम ने सेवा और अध्यात्म के संदेश को एक साथ जोड़ने का कार्य किया।

