Site iconSite icon AR Live News

अहमदाबाद में रियल एस्टेट फ्रॉड: ED की कार्रवाई, 129.80 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ED RaidED Raid

अहमदाबाद,एआर लाइव न्यूज। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹129.80 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच किया है। ED ने यह कार्रवाई 14 अगस्त 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के तहत जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के माध्यम से की। | Ahmedabad Real Estate Fraud ED Action

यह मामला रोनक रवजीभाई सोनानी, विपुलभाई गोरधनभाई गंगानी, मेसर्स केशव नारायण ग्रुप और अन्य से जुड़ा है। ED के अनुसार, आरोपियों पर अहमदाबाद में घर खरीदारों, छोटे निवेशकों, कारोबारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप है।

पांच FIR के आधार पर शुरू हुई ED जांच

ED ने यह जांच अहमदाबाद की DCB पुलिस, सैटेलाइट पुलिस, नवरंगपुरा पुलिस और बोपल पुलिस थानों में दर्ज पांच FIR के आधार पर शुरू की। इन मामलों में रोनक सोनानी, विपुल गंगानी और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट भी दाखिल की गई है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को वैध और वास्तविक परियोजनाओं के रूप में पेश किया। लोगों को आकर्षक प्री-लॉन्च कीमतों पर फ्लैट और दुकानें देने का लालच दिया गया। इसके अलावा निवेशकों को 54 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित रिटर्न का वादा किया गया।

जरूरी मंजूरियों के बिना बेचे जा रहे थे प्रोजेक्ट

ED की जांच के मुताबिक, इन परियोजनाओं का प्रचार और बिक्री आवश्यक वैधानिक मंजूरियों के बिना की जा रही थी। इनमें N.A. अनुमति और RERA पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण मंजूरियां शामिल थीं।

छारोड़ी प्रोजेक्ट में करीब 250 खरीदारों और निवेशकों से रकम जुटाई गई, जबकि अक्षर अनंत प्रोजेक्ट में 44 से अधिक खरीदारों और निवेशकों से पैसा लिया गया। इसके बावजूद उन्हें वादे के मुताबिक फ्लैट और दुकानें नहीं दी गईं और न ही जमा राशि वापस की गई।

‘RERA प्रक्रिया में है’ बताकर जुटाया पैसा

जांच में आरोपियों की कथित कार्यप्रणाली भी सामने आई। छारोड़ी प्रोजेक्ट में खरीदारों को बताया गया कि RERA पंजीकरण और N.A. अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। बाद में प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित जमीन को केवल महेंद्रभाई पटेल, आशीष विष्णुभाई पटेल और अन्य के नाम बेचने या हस्तांतरित करने की बात सामने आई।

इसी तरह शेला स्थित अक्षर अनंत प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट को वास्तविक दिखाने के लिए MoU और अन्य दस्तावेज जारी किए गए। बाद में प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया और जमीन को पुरव रमेशचंद्र पटेल, दिप्राजवीरसिंह विक्रमसिंह झाला, महेंद्रसिंह प्रद्युमनसिंह चुड़ासमा और अन्य के नाम हस्तांतरित किया गया।

डमी बिक्री और फर्जी भुगतान का आरोप

ED के मुताबिक, आरोपियों ने अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों को छिपाने के लिए तीसरे पक्ष के नाम पर डमी सेल डीड के जरिए संपत्तियों के हस्तांतरण का प्रयास किया। पंजीकृत दस्तावेजों में लेन-देन को वास्तविक दिखाने के लिए कथित तौर पर काल्पनिक भुगतान विवरण भी दर्ज किए गए।

जांच के आधार पर ED ने इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) का प्रतिनिधित्व करने वाली संपत्ति माना और उन्हें अस्थायी रूप से अटैच किया है।

इन संपत्तियों को किया गया अटैच

ED के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में प्रमुख रूप से—

शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों का कुल मूल्य करीब ₹129.80 करोड़ बताया गया है।

पीड़ित खरीदारों के हितों की सुरक्षा का दावा

ED के मुताबिक संपत्तियों को अटैच करने का उद्देश्य इनके आगे बिक्री, हस्तांतरण या छिपाने पर रोक लगाना है। कार्रवाई से धोखाधड़ी के शिकार घर खरीदारों और निवेशकों के हितों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। साथ ही PMLA के तहत आगे होने वाली कन्फिस्केशन और संभावित रेस्टिट्यूशन की प्रक्रिया में भी यह कार्रवाई महत्वपूर्ण हो सकती है।

ED ने कहा है कि वह अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें प्रतिबंधित करने के साथ-साथ पीड़ितों तथा वैध दावेदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

घर खरीदने और निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

ED ने घर खरीदारों और निवेशकों को रियल एस्टेट में पैसा लगाने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है। खरीदारों को प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण, वैधानिक मंजूरियां, टाइटल दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड और एन्कम्ब्रेंस डिटेल जरूर जांचनी चाहिए।

साथ ही यह भी पता करना चाहिए कि संबंधित संपत्ति किसी बैंक के पास गिरवी तो नहीं है या किसी विवाद में तो शामिल नहीं है। खरीदारों को केवल मौखिक वादों, बुकिंग फॉर्म, नोटरी दस्तावेज या ब्रोकर की गारंटी पर भरोसा नहीं करना चाहिए और उचित Agreement to Sale या Sale Deed पर ही जोर देना चाहिए।

ED ने चेताया कि बहुत अधिक रिटर्न, गारंटीड बायबैक या असामान्य रूप से भारी डिस्काउंट जैसे ऑफर संभावित खतरे के संकेत हो सकते हैं। यदि कोई बिल्डर दस्तावेज उपलब्ध कराने से इनकार करता है, नकद भुगतान के लिए दबाव डालता है, रजिस्टर्ड दस्तावेज में देरी करता है, पैसा वापस नहीं करता या प्रोजेक्ट की जमीन को तीसरे पक्ष को हस्तांतरित करने का प्रयास करता है, तो इसकी शिकायत पुलिस, RERA और अन्य सक्षम अधिकारियों से की जानी चाहिए।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

Exit mobile version