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फतहसागर में थूर की पाल से पानी की आवक शुरू, मदार नहर में धीमा बहाव

Fatah Sagar Lake water inflow from Thoor Ki Pal udaipurFatah Sagar Lake water inflow from Thoor Ki Pal udaipur

उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। उदयपुर में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच फतहसागर झील में पानी की आवक शुरू हो गई है। थूर की पाल भरने के बाद दोनों छोर से पानी गिरना शुरू हुआ, जो मदार नहर के रास्ते फतहसागर तक पहुंच रहा है। हालांकि, मदार के दोनों तालाब अभी काफी खाली हैं और उनके छलकने के लिए अच्छी बारिश के साथ पर्याप्त पानी की जरूरत है। | latest news udaipur monsoon | Fatah Sagar Lake water inflow from Thoor Ki Pal

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झामुड़िया की नाल और आसपास के स्थानीय कैचमेंट क्षेत्र में रुक-रुककर हुई बारिश से थूर की पाल भर गई है। पाल के दोनों छोर से पानी निकलकर मदार नहर में पहुंच रहा है। फिलहाल नहर में पानी का बहाव धीमा है। | Fatah Sagar water inflow

आने वाले दिनों में झामुड़िया नाल, स्थानीय कैचमेंट और मदार क्षेत्र में लगातार बारिश होती है, तो फतहसागर में पानी की आवक बढ़ सकती है। हालांकि अभी मदार के दोनों तालाबों को छलकने के लिए अभी काफी पानी की जरूरत है।

वर्तमान में फतहसागर का जलस्तर 13 फीट की अधिकतम क्षमता के मुकाबले करीब 6 फीट 4 इंच है। वहीं पिछोला झील का जलस्तर 11 फीट के मुकाबले करीब 7 फीट है। पिछोला में सीसारमा नदी से भी लगातार धीरे-धीरे पानी की आवक बनी हुई है। सीसारमा नदी में करीब 2 फीट पानी का बहाव है।

बारिश के दौरान कचरा फतहसागर तक नहीं पहुंचे, इसके लिए नगर निगम ने मनोहरपुरा क्षेत्र में प्रताप गौरव केंद्र पुलिया से आगे मदार नहर के बीच लोहे की जाली लगाई थी। बीती रात नहर में जब पानी का बहाव शुरू हुआ तब इस जाली में बड़ी मात्रा में कचरा और प्लास्टिक फंस गया, जिससे पानी का बहाव बाधित हो गया।

पानी का रास्ता रुकने से अपस्ट्रीम, यानी मनोहरपुरा पुलिया की ओर, अचानक जलस्तर बढ़ गया और मदार नहर आधे से ज्यादा भर गई। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद देर रात जल संसाधन विभाग ने चिकलवास पिकअप वियर के गेट कम कर मदार नहर में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा घटाई। आज शुक्रवार सुबह नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा की टीम ने जेसीबी की मदद से जाली के आसपास जमा कचरा हटाया।

तेज बारिश में बढ़ सकता है खतरा

स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि नहर के बीच जाली लगाना तकनीकी रूप से कितना सुरक्षित है। तेज बारिश के दौरान यदि पानी के साथ पेड़ों के बड़े तने बहकर आते है और जाली में फंस जाते है, तो मदार नहर में पानी का दबाव बढ़ सकता है। खासकर बड़गांव क्षेत्र में नहर का हिस्सा कच्चा है। ऐसे में अधिक जल दबाव नहर के किनारों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। मनोहरपुरा क्षेत्र में पहले भी मदार नहर के टूटने की घटना सामने आ चुकी है।इस प्रकार की जाली चिकलवास पिकअप वियर पर मदार नहर के गेट से पहले और देवाली क्षेत्र में जहां नहर फतहसागर में गिरती है उससे पहले लगाना उचित रहेगा।

निम्बाहेड़ा में करीब चार इंच बारिश

जल संसाधन विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में उदयपुर शहर समेत जिले के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। संभाग में सबसे ज्यादा बारिश चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में 98 मिलीमीटर यानी करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई। बेगूं 45 मिमी, भींडर 33, बागोलिया 32,ओगणा 30, वल्लभनगर 22, बड़गांव 16 में मिमी बारिश हुई।

रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच उदयपुर-पींडवाड़ा हाईवे पर गोगुंदा क्षेत्र में भारी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। गनीमत रही कि जिस समय चट्टानें गिरीं, उस दौरान वहां से वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही थी।

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से एक तरफा यातायात शुरू कराया। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानें और मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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