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कृषि को तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर युवा बनाएं समृद्धि का माध्यम: राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े

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उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि कृषि एवं संबद्ध व्यवसाय भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने युवाओं से कृषि को केवल पारंपरिक व्यवसाय के रूप में न देखते हुए आधुनिक तकनीक, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जोड़ने का आह्वान किया। | rajasthan governor haribhau kisanrao bagde udaipur visit | latest news udaipur

शनिवार को राज्यपाल महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) से संबद्ध राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के सभागार में आयोजित एग्रीविजन नॉर्थ वेस्ट जोन के द्वितीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। | mpuat Agrivision North West Zone Conference | Governor Haribhau Bagde udaipur visit

हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि कृषि और इससे जुड़े संबद्ध व्यवसाय देश की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में तकनीक और नवाचार के माध्यम से रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। | Governor Haribhau Bagde udaipur visit

उन्होंने युवाओं से कृषि आधारित पारंपरिक व्यवसायों को नई तकनीक और आधुनिक प्रबंधन से जोड़ने की अपील की। उनके अनुसार, कृषि क्षेत्र में एग्रीटेक, रिसर्च, स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। एग्रीविजन का दो दिवसीय सम्मेलन कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता विकास में युवाओं की भूमिका पर केंद्रित है। सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा युवाओं को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। | Governor Haribhau Bagde udaipur visit

भारतीय कृषि परंपरा और ज्ञान-विज्ञान का उल्लेख

राज्यपाल ने कहा कि भारत की कृषि परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। मध्यकालीन भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। समय के साथ कृषि तकनीकों में हुए विभिन्न नवाचार भारत की ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

उन्होंने आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, महर्षि भार्गव और महर्षि पाराशर सहित विभिन्न विद्वानों एवं ऋषि-मुनियों के योगदान का उल्लेख करते हुए युवाओं से भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के साथ जोड़कर नए प्रयोग करने का आह्वान किया।

मेवाड़ के इतिहास और महाराणा प्रताप के संघर्ष का उल्लेख करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कृषि और जनजीवन के उत्थान के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवाओं को आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, कठिन परिस्थितियों में संघर्ष और नवाचार के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

राजस्थान कृषि महाविद्यालय परिसर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर बागड़े ने पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने डूंगरपुर की वीर बाला कालीबाई, बीकानेर की किरण देवी, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, उद्योगपति सुधा मूर्ति और इंजीनियर कमला भागवत के प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख भी किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रतापसिंह, राजस्थान कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अधिष्ठाता लोकेश गुप्ता सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। एग्रीविजन के अश्विनी शर्मा, तन्वी चौधरी और डॉ. अंशुल शर्मा ने सम्मेलन की रूपरेखा और विषय.वस्तु की जानकारी दी।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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